
नई दिल्ली। कासगंज हिंसा पर अब राजनीति गरमाने लगी है। शुक्रवार को राज्यसभा में हिंसा की गूंज सुनाई दी, जिसकी वजह से कार्यवाही कुछ देर के लिए स्थगित करनी पड़ी। समाजवादी पार्टी से सांसद राम गोपाल यादव ने भी इसपर विवादित बयान दिया है। राज्यसभा से बाहर निकले यादव ने कहा कि हिंदू ही हिंदू को मार रहा है लेकिन मुसलमान पर आरोप लगाकर गिरफ्तार किया जा रहा है।
हिंदू-हिंदू को मार रहा, मुस्लिमों पर लगाए झूठे आरोप
राम गोपाल यादव ने आगे कहा कि मैंने संसद में मांग की है कि केंद्र सरकार इस मसले पर सफाई दे। जो लोग वास्तव में दोषी हैं उन्हें ही गिरफ्तार किया जाए। जिन्होंने गोली चलाई है उसपर मामला दर्ज होना चाहिए, उसे गिरफ्तार किया जाना चाहि। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर मार कौन रहा है? यहां हिंदू ने ही हिंदू को मारा है लेकिन आरोप मुसलमान पर लगाकर उसे गिरफ्तार कर लिया गया, क्योंकि उसके तीन भाईयों के खिलाफ मामला दर्ज है।
कार्रवाई नहीं कर रही यूपी पुलिस
सपा सांसद ने कहा कि मुस्लिम लोगों के घरों में घुसकर मारपीट की, झूठे आरोप लगाकर इन्हें गिरफ्तार किया जा रहा है। उनकी संपत्ति नष्ट की जा रही है। उसमें आग लगाई जा रही है लेकिन इसके बावजूद पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही है।
कासगंज में सरकारी दंगा- रामगोपाल
इससे पहले राज्यसभा में राम गोपाल यादव ने कासगंज हिंसा को सरकारी दंगा बताते हुए कहा कि जानबूझ कर इस हिंसा का भड़काया गया है। इसके बाद विपक्ष के सांसद बेल में पहुंच गए और शोरशराबा शुरु कर दिया।
अखिलेश ने भी योगी को घेरा
यूपी के पूर्व सीएम और समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी कासगंज हिंसा को लेकर सरकार को कटघरे में खड़ा किया। अखिलेश ने कहा कि गणतंत्र दिवस के दिन जो कुछ हुआ वो निंदनीय है। सरकार की लापरलाही की वजह से ही इतनी बड़ी वादरात को अंजाम दे दिया गया। हिंसा के दोषियों को तुरंत सजा मिलनी चाहिए।
Published on:
02 Feb 2018 04:56 pm
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