28 अक्टूबर 2026,

बुधवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

सियासत: दिल्‍ली में भाजपा को मात देने के लिए कांग्रेस से हाथ मिलाएंगे केजरीवाल!

पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा की तरफ से केजरीवाल को शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने का न्‍योता मिलने के बाद से दिल्‍ली की सियासत गरम है।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

•

image

Dhirendra Kumar Mishra

•

Updated: 23 May 2018, 9:17 AM IST

rahul kejri

सियासत: दिल्‍ली में भाजपा को मात देने के लिए कांग्रेस से हाथ मिलाएंगे केजरीवाल!

नई दिल्ली।अरविंद केजरीवाल ने जब से कर्नाटक के सीएम के शपथ ग्रहण में शामिल होने का संकेत दिया तभी से दिल्‍ली की राजनीति पर उसका असर दिखाई देने लगा। केजरीवाल के इस रुख से तरह-तरह के कयास अभी से लगाए जाने लगे हैं। साथ ही यह भी कहा जाने लगा है कि केजरीवाल अब पूरी तरह से भीड़ का हिस्‍सा बन गए हैं और उनका मेकिंग डिफरेंस का नारा अब इतिहास का हिस्‍सा बनकर रह गया है। भाजपा नेताओं ने बताया कि केजरीवाल की इस भेड़चाल की नीति से साफ हो गया है कि दिल्‍ली में दोनों में से किसी में अकेले दम पर भाजपा के खिलाफ चुनावी मैदान में उतरने की हिम्‍मत नहीं है। दोनों एक-दूसरे से मिले हैं और दिल्‍ली की जनता को ***** बना रहे हैं।

केजरीवाल को सीएम की कुर्सी जाने का डर
कर्नाटक में सीएम के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने से इतना तो तय हो गया है कि केजरीवाल अब 2019 के लोकसभा चुनाव और 2020 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में कांग्रेस नेतृत्‍व वाली महागठबंधन में शामिल होंगे। इससे साफ है कि कांग्रेस सहित अन्‍य विपक्षी दलों के साथ आप नेता का भी मकसद यही है कि किसी भी कीमत पर भाजपा को सत्ता से दूर रखा जाए। चाहे इसकी कीमत कुछ भी क्‍यों न हो? इसको लेकर विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष विजेंद्र गुप्ता ने सीएम को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने कहा कि केजरीवाल का शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होना दर्शाता है कि आम आदमी पार्टी के मुखिया ने कांग्रेस का दामन थाम लिया है। अलग राजनीति का दम भरने वाली आप ने कांग्रेस के गठबंधन वाली सरकार को सद्भावना संदेश देकर सिद्ध कर दिया है कि वह राजनीतिक उद्देश्यों की पूर्ति के लिए किसी भी हद तक जा सकती है। दिल्ली की राजनीति में आप और कांग्रेस की नूराकुश्ती अब बेनकाब हो चुकी है। उन्‍होंने ये बातें भी कही है कि सीएम केजरीवाल की दिल्‍ली में इतने अलोकप्रिय हो गए हैं कि उन्‍हें सीएम की कुर्सी खोने का डर अभी से सताने लगा है।

जेडीएस की तरफ से मिला न्‍योता
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक दिल्‍ली के सीएम केजरीवाल को शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने का न्‍योता कांग्रेस की तरफ से नहीं मिला है। उन्‍हें जेडीएस प्रमुख और पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा में इसमें शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है। आपको बता दें कि कर्नाटक के राज्यपाल वजुभाई वाला से मिलने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए कुमारस्वामी ने कहा था कि ममता बनर्जी , चंद्रबाबू नायडू और के चंद्रशेखर राव ने मुझे बधाई दी है। मायावती जी ने भी मुझे आशीर्वाद दिया है। मैंने सभी क्षेत्रीय नेताओं को शपथ समारोह के लिए आमंत्रित किया है। कुमारस्वामी ने यह भी कहा था कि मैंने सोनिया गांधी जी और राहुल गांधी जी को भी व्यक्तिगत रूप से आमंत्रित किया है। उन्‍होंने प्रमुख नेताओं में केजरीवाल का नाम नहीं लिया था।