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CAA के खिलाफ प्रस्ताव पास करना केरल विधानसभा का संवैधानिक अधिकार: KPCC

केरल प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मुल्लापल्ली रामचंद्रन ने दिया जवाब। केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान के बयान का विरोध। राहुल गांधी के पत्र को लेकर भी दिया जवाब।

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तिरुवनंतपुरम। केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) के अध्यक्ष मुल्लापल्ली रामचंद्रन ने दावा किया है कि नागरिकता संशोधन अधिनियम के खिलाफ प्रस्ताव पारित करना केरल विधानसभा को संवैधानिक अधिकार के अंतर्गत आता है।

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मीडिया से बातचीत करते हुए बृहस्पतिवार को रामचंद्रन ने कहा, "किसी भी विधायिका के पास मौजूदा केंद्र सरकार के पक्ष में या उसके खिलाफ प्रस्ताव पारित करने का अधिकार है। केरल विधानसभा अपने संवैधानिक अधिकारों के तहत ऐसा प्रस्ताव पारित करती है और केरल सरकार के इस कदम में कुछ भी गलत नहीं है।"

रामचंद्रन का यह बयान केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान की उस टिप्पणी के बाद आया है जिसमें उन्होंने कहा था कि केरल विधानसभा द्वारा सीएए के खिलाफ पारित किए गए प्रस्ताव की कोई भी कानूनी या संवैधानिक मान्यता नहीं है।

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रामचंद्रन ने यह भी स्पष्ट किया, "कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने यूडीएफ द्वारा लोक केरल सभा या दुनियाभर से केरल के लोगों के एकजुट होने के आयोजन का बहिष्कार करने के फैसले से काफी पहले वह पत्र भेजा था। मुझे नहीं पता कि क्योंकि मुख्यमंत्री ने राहुल गांधी के कार्यालय का वह पत्र अब लीक किया है।"

इससे पहले बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री पिनारायी विजयन ने 12 दिसंबर के उस पत्र को ट्विटर पर शेयर किया था जो वायनाड के सांसद राहुल गांधी ने लिखा था और इसमें लोक केरल सभा की सराहना की गई थी।