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मैरिटल रेप पर सख्त कानून बनाएगी सरकारः किरन रिजिजू

सिर्फ लॉ कमीशन की रिपोर्ट का इंतजार कर रही है सरकार ताकि आईपीसी की पुरानी धाराओं में परिवर्तन किया जा सके

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Puneet Parashar

Dec 05, 2015

Kiran Rijiju

Kiran Rijiju

नई दिल्ली। गृह राज्य मंत्री किरण रिजिजू ने बताया है कि सरकार बहुत जल्द विवाहोपरांत बलात्कार यानि मैरिटल रेप पर कानून बना सकती है। सरकार ने कहा है कि वह मैरिटल रेप को क्राइम कैटेगरी में लाने के लिए जल्द ही एक सख्त कानून बनाएगी। वह सिर्फ लॉ कमीशन की रिपोर्ट का इंतजार कर रही है ताकि आईपीसी की पुरानी धाराओं में परिवर्तन किया जा सके। कमीशन से इस कानून पर राय मांगी गई है।


रिजिजू ने शुक्रवार को राज्यसभा में कहा, "मैरिटल रेप का मुद्दा बहुत जटिल है। इसे एक्सप्लेन करना भी मुश्किल है। इस पर विचार करते वक्त फैमिली और सोशल स्ट्रक्चर को भी ध्यान में रखना होगा। इस पर पार्लियामेंट्री कमेटी और लॉ कमीशन विचार कर रहे हैं।" उन्होंने कहा कि, "इस कानून को टुकड़ों में बनाना सही नहीं होगा। इसलिए हम पूरी तरह नए कानून पर विचार करेंगे। लॉ कमीशन इस पर विचार कर रहा है। उम्मीद है कि उसकी रिपोर्ट हमें जल्दी ही मिल जाएगी।" महिलाओं के खिलाफ होने वाली क्रूरता से निपटने के लिए अभी आईपीसी का 498-ए कानून मौजूद है। इससे महिलाओं को सिक्युरिटी मिलती है।


गौरतलब है कि कांग्रेस के सांसद अविनाश पांडे ने यह प्राइवेट मेंबर बिल पेश किया था। बता दें कि प्राइवेट मेंबर बिल वह बिल होता है, जिसे कोई भी संसद सदस्य अपनी तरफ से चर्चा के लिए पेश कर सकता है। रिजिजू ने कहा कि सरकार इस मामले में सदन की भावनाओं को समझती है और वह सांसद के बिल को खारिज नहीं कर रही है। रिेजिजू के बयान पर संतोष जताते हुए पांडे ने यह बिल वापस ले लिया।

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