7 फ़रवरी 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

कुमारस्वामी बोले, मंत्रिमंडल के गठन में नहीं है देवगौड़ा की कोई भूमिका

कुमारस्वामी ने कहा कि मीडिया में इस तरह की खबरें देखकर कि मंत्रिमंडल के गठन और विभागों के बंटवारे में देवगौड़ा की अहम भूमिका है, देनी पड़ी सफाई।

2 min read
Google source verification
devgoda

कुमारास्वामी बोले, मंत्रिमंडल के गठन में नहीं है देवगौड़ा की कोई भूमिका

बेंगलूरु : कर्नाटक में जनतादल सेक्‍यूलर और कांग्रेस की गठबंधन सरकार का मंत्रिमंडल बन कर तैयार हो गया है। लेकिन इसे लेकर अब भी कयास लग रहे हैं। विपक्षी दल यह आरोप लगा रहे हैं कि कांग्रेस अध्‍यक्ष राहुल गांधी ने पूरी मंत्रिमंडल तय की है तो कुछ यह भी कह रहे हैं कि कर्नाटक के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी तो डमी सीएम हैं, सरकार तो उनके पिता एचडी देवगौड़ा चलाएंगे और पूरी कर्नाटक मंत्रिमंडल उनकी मर्जी से तैयार की गई है। इस तरह के लग रहे आरोपों से परेशान होकर कर्नाटक के मुख्‍यमंत्री ने आखिरकार चुप्‍पी तोड़ दी है। उन्‍होंने कहा कि जदएस-कांग्रेस मंत्रिमंडल के गठन और विभागों के आवंटन में मेरे पिता एचडी देवगौड़ा की कोई भूमिका नहीं है। उन्होंने महज विभागों को अंतिम रूप दिए जाने को अपनी मंजूरी दी है।

मीडिया में खबर देखकर देनी पड़ी सफाई
संवाददाताओं से बात करते हुए कुमारस्वामी ने कहा कि उन्‍हें इस तरह की कई खबरें मीडिया में दिखाई पड़ी कि मंत्रिमंडल के गठन और विभागों के बंटवारे में पूर्व प्रधानमंत्री देवगौड़ा की अहम भूमिका रही है। इसलिए मुझे यह सफाई देनी पड़ रही है। यह खबर बेबुनियाद है। उन्होंने केवल विभागों की सूची को अंतिम रूप दिये जाने को अपनी मंजूरी दी है।

माना, मांगा था वित्‍त विभाग
कर्नाटक के मुख्‍यमंत्री ने इस बात से भी इनकार किया कि ऊर्जा विभाग के लिए जदएस के एचडी रेवन्ना और कांग्रेस के डीके शिवकुमार के बीच किसी तरह का कोई मतभेद था। लेकिन इस बात को स्‍वीकार किया कि उन्होंने अपनी पार्टी के लिए वित्त विभाग की मांग की थी। इसके पीछे के कारण का खुलासा करते हुए कहा कि उनके ऊपर लोगों से किए गए वादों को पूरा करने की बड़ी जिम्मेदारी है, इसलिए उन्‍होंने यह मांग रखी थी।

कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण पर भी बोले
केंद्र की ओर से कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण के गठन के बारे में कुमारस्वामी ने कहा कि जदएस-कांग्रेस सरकार कानूनी और इंजीनियरिंग विशेषज्ञों से राय-मशविरा लेने के बाद आगे की कार्रवाई के बारे में निर्णय करेगी।