
नई दिल्ली:चारा घोटाला मामले में सीबीआई कोर्ट ने बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) सुप्रीमो लालू यादव को साढ़े तीन साल की सजा सुनाया है। कोर्ट ने लालू यादव पर 10 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया है। गौरतलब है कि लालू यादव का विवादों से पुराना नाता है। चारा घोटाला के अलावा लालू पर कई और मामले चल रहे हैं। यूपीए सरकार में 2004-09 में रेल मंत्री और 1990-97 में मुख्यमंत्री रहने के दौरान लालू यादव पर कई मामले दर्ज हुए। 1997 में लालू यादव पर चारा घोटाला का जब मामला दर्ज हुआ तो उन्होंने अपनी पत्नी राबड़ी देवी को मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठा दिया। यह पहली बार नहीं है जब लालू यादव जेल गए हैं। इससे पहले भी वो कई बार जेल जा चुके हैं। उनके चुनाव लड़ने पर पहले ही प्रतिबंध लगाया जा चुका है। आइए एक नजर लते हैं लालू यादव और उनके परिवार के ऊपर दर्ज हुए मामलों पर
चारा घोटाला केस
साल 1996 में सीबीआई ने चाईबासा में 950 करोड़ रुपए के चारा घोटाला मामले में प्राथमिकी दर्ज की और 1997 में लालू प्रसाद यादव को न्यायिक हिरासत में पांच साल तक के लिए जेल भेज दिया गया। जिसके बाद लालू यादव ने अपनी पत्नी राबड़ी देवी को मुख्यमंत्री पद पर बैठा दिया था। हालांकि कुछ समय बाद जमानत मिल गई। दरअसल लालू यादव उस समय जनता दल में थे। पटना हाईकोर्ट ने लालू यादव को जेल भेजने का आदेश दिया। जिसपर लालू यादव ने रातोंरात राष्ट्रीय जनता दल पार्टी का गठन कर पत्नी को बिहार की कमान सौंप दी। लालू यादव को चुनाव लड़ने पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। दरअसल 1996 में पशुपालन विभाग के दफ्तरों में दबिश दी गई थी। इस दौरान कुछ फर्जी कंपनियों द्वारा पैसों की हेराफेरी करने का मामला सामने आया। इसके बाद 11 मार्च 1996 को पटना हाईकोर्ट ने सीबीआई को इस घोटाले की जांच का आदेश दिया था।
आय से अधिक संपत्ति
साल 1998 में लालू प्रसाद यादव पर आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया गया। आयकर विभाग ने कहा कि लालू यादव ने सरकारी खजाने से 46 लाख रुपए निकालने का दावा किया। राबड़ी देवी का नाम भी सह-अभियुक्त के तौर पर शामिल हुआ । हालांकि 2000 में पटना हाईकोर्ट से राबड़ी को जमानत मिल गई। बाद में दिसंबर 2006 में आय से अधिक संपत्ति मामले में लालू और राबड़ी को बरी कर दिया गया।
IRCTC मामला
रेल मंत्री रहते हुए लालू यादव पर दो होटलों से जुड़े ठेके देने में धांधली का आरोप है। साल 2004 में सीबीआई ने जांच में पाया कि सुजाता होटल को गैरकानूनी तरीके से टेंडर दिया गया। सीबीआई ने जांच में पाया कि रेल मंत्री रहते लालू यादव ने गलत ढंग से होटल के आवंटन के लिए टेंडर जारी किया था । इस मामले में लालू यादव के अलावा उनकी पत्नी राबड़ी देवी, बेटे तेजस्वी यादव , लालू के सहयोगी प्रेमचंद गुप्ता की पत्नी सरला गुप्ता, विजय कोचर, विनय कोचर, पटना में सुजाता होटल्स के दोनों डॉयरेक्टर, डिलाईट मार्केटिंग कंपनी प्राइवेट लिमिटेड (लारा प्रोजेक्टस) आईआरसीटीसी के पूर्व एमडी सहित कई लोगों के ऊपर सीबीआई ने एफआईआर दर्ज की थी। इस मामले में सीबीआई ने तेजस्वी यादव को समन जारी किया है।
मीसा और शैलेश पर मनी लॉंड्रिंग केस
मनी लॉंड्रिंग केस में लालू यादव की बेटी और उसके पति शैलेश कुमार पर केस दर्ज किया गया। जिसमें मनी लॉंड्रनिंग के रूप में उल्लंघन किया गया 6 जनवरी को ईडी ने लालू की बेटी मीसा भारती के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग केस में दिल्ली की अदालत में दूसरी चार्जशीट भी दायर कर दी है। गौरतलब है कि बीते 4 सितंबर को ईडी यानी प्रवर्तन निदेशालय ने मीसा भारती और उनके पति शैलेश कुमार का फॉर्म हाउस कुर्क कर लिया था। मनी लॉन्ड्रिंग और करोड़ों रुपये के बेनामी संपत्ति के मामले में ईडी ने 8 जुलाई को मीसा और शैलेश के ठिकानों पर छापेमारी की थी। ईडी ने मीसा और शैलेश से घंटों पूछताछ भी की थी। यह फॉर्म हाउस मुखौटा कंपनियों के जरिए आए धन से तब खरीदा गया था, जब लालू यादव रेलमंत्री थे।
Published on:
06 Jan 2018 08:11 pm
बड़ी खबरें
View Allराजनीति
ट्रेंडिंग
