1 फ़रवरी 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

अधिकारों की जंग: केजरीवाल के बाद उप राज्यपाल ने की गृहमंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात

गौरतलब है कि दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट के फैसले आने के बाद भी उप राज्यपाल और केजरीवाल में कुछ मुद्दों को लेकर सहमति नहीं बन पा रही है।

2 min read
Google source verification
anil baijal

अधिकारों की जंग: केजरीवाल के बाद उप राज्यपाल ने की गृहमंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात

नई दिल्ली: दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट के फैसले आने के बाद भी अधिकारों को लेकर जंग जारी है। बुधवार को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की थी। वहीं गुरुवार को उप राज्यपाल अनिल बैजल राजनाथ सिंह से मिलने उनके आवास पहुंचे। उप राज्यपाल बैजल और राजनाथ सिंह के बीच करीब एक घंटे तक बातचीत हुई।

केजरीवाल ने राजनाथ सिंह के सामने रखा अपना पक्ष

गौरतलब है कि बुधवार को अरविंद केजरीवाल ने केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की थी और नौकरशाहों के तबादले और नियुक्तियों संबंधी सुप्रीम कोर्ट के फैसलों पर अपनी सरकार के बारे में अवगत कराया था। मुलाकात के बाद केजरीवाल ने कहा कि भाजपा नेता उनके विचारों से संतुष्ट दिखे। हमने उनसे कहा कि केंद्र और उप राज्यपाल सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अपने तरीके से व्याख्या कर रहे हैं। वे कह रहे हैं कि वे आधा फैसला मानेंगे, लेकिन बाकी आधा नहीं मानेंगे। शीर्ष अदालत ने दिल्ली में शासन के मोटे तौर पर मापदंड तय किये थे। उसने उप राज्यपाल का क्षेत्राधिकार जमीन, पुलिस और कानून व्यवस्था तक सीमित कर दिया था। लेकिन उप राज्यपाल सभी क्षेत्रों में दखलअंदाजी कर शीर्ष कोर्ट के फैसले को मान नहीं रहे हैं। केजरीवाल ने कहा कि हमने गृहमंत्री से अपील की है कि या तो सुप्रीम कोर्ट का पूरा फैसला माना जाए । अन्यथा खंडपीठ का फैसला आने तक रुकना चाहिए।

कोर्ट के आदेश की हो रही अवमानना

केजरीवाल मुख्यमंत्री ने कहा कि अदालत ने कहा है कि तीन मामलों (पुलिस, भूमि और सार्वजनिक व्यवस्था) को छोड़कर सेवा समेत सभी शक्तियां दिल्ली सरकार के पास हैं। फैसला अब एक कानून बन चुका है, वे लोग इसे नहीं मान रहे हैं। यह न्यायालय की अवमानना है।

सुप्रीम कोर्ट ने सुनाया फैसला

गौरतलब है कि दिल्ली में अधिकारों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दिया। देश की सर्वोच्च अदालत ने कहा कि एलजी दिल्ली में कोई भी फैसला लेने के लिए स्वतंत्र नहीं हैं। कोर्ट ने कहा कि एलजी को कैबिनेट की सलाह के अनुसार ही काम करना होगा।

Story Loader