
नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के सबसे विश्वस्त रहे पूर्व टीएमसी नेता मुकुल राय अब बीजेपी नेता हो गए हैं। शुक्रवार को मुकुल राय ने कैलाश विजयवर्गीय और रविशंकर प्रसाद की मौजूदगी में बीजेपी की सदस्यता ग्रहण की। बीजेपी नेता बनने के बाद उन्होंने कहा कि मेरे लिए यह गर्व की बात है कि मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ काम करुंगा।
बीजेपी धर्म निरपेक्ष है
मुकुल राय ने कहा कि पश्चिम बंगाल में इस बार बीजेपी ही सत्ता में आएगी। मुझे यकीन है कि बीजेपी साम्प्रदायिक नहीं बल्कि धर्म निरपेक्ष है और आने वाले दिनों में यह पार्टी पश्चिम बंगाल की सत्ता में आएगी। राय ने आगे कहा कि सिद्धांतों की कमी की वजह से उन्होंने टीएमसी छोड़ने का मन बनाया था।
टीएमसी से निलंबन के बाद दिया इस्तीफा
बता दें कि तृणमल कांग्रेस से निलंबित मकुल राय ने ममता बनर्जी के साथ मिलकर टीएमसी की स्थापना की थी। लंबे समय तक ममता के राइट हैंड कहे जाने वाले मुकुल ने दुर्गा पूजा से ठीक पहले पार्टी छोड़ने का ऐलान किया था। इससे पहले टीएमसी ने पार्टी विरोधी गतिविधियों का आरोप लगाते हुए मुकुल राय को छह साल के लिए पार्टी से निलंबित कर दिया था। राय के निलंबन के बाद ही इस बात की कयास शुरु हो गई थी कि वो जल्द ही बीजेपी का दामन थाम लेंगे।
ममता का कोई सिद्धांत नहीं
बीजेपी में शामिल होने के बाद उन्होंने ममता बनर्जी पर सीधा हमला बोलते हुए कि सभी को पार्टी में साथी होना चाहिए, नौकर नहीं..लेकिन व्यक्ति केंद्रित पार्टी ऐसा काम नहीं करती। उन्होंने आगे कहा कि हम लोगों ने कांग्रेस शासन के खिलाफ टीएमसी की स्थापना की थी,लेकिन ममता का कोई सिद्धांत नहीं है।
बीजेपी बोली- राय के आने से लाभ होगा
इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि मुकुल राय के अनुभव का लाभ पार्टी को मिलेगा। राय तृणमूल कांग्रेस के संस्थापक सदस्य रहे हैं और उन्होंने तृणमूल कांग्रेस को सत्ता तक पहुंचाने में कीमती योगदान दिया है। राय ने प्रभावी तरीके से करीब 30 साल माकपा के आतंक को खत्म करने की हिम्मत दिखाई है। मुकुल राय जैसे अनुभवी और बड़े नेता के बीजेपी में शामिल होने का हमें निश्चित ही लाभ मिलेगा।
Published on:
03 Nov 2017 07:06 pm
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