
पीएम मोदी को लेकर ममता बनर्जी का बड़ा बयान, बोलीं- ' वे अभी चायवाला हैं, चुनाव बाद रफालवाला बन जाएंगे'
कोलकत्ता। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कलकत्ता उच्च न्यायालय की बहुप्रतीक्षित जलपाइगुड़ी सर्किट पीठ का उद्घाटन किया। इसको लेकर ममता बनर्जी और पीएम मोदी के बीच एक बार फिर से विवाद बढ़ गया है। दरअसल मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आरोप लगाया है कि केंद्र सरकार ने उद्घाटन समारोह में शामिल होने के लिए राज्य सरकार को आमंत्रित नहीं किया और उसे अंधेरे में रखा। इसके अलावे यह भी आरोप लगाया कि इस समारोह में कलकत्ता उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों को भी आमंत्रित नहीं किया गया। ममता सरकार का कहना कि इस सर्किट पीठ को बनाने के लिए सभी खर्चे राज्य सरकार ने उठाए हैं। जबकि अब इसका उदघाटन कर पूरा श्रेय केद्र की मोदी सरकार ले रही है। ममता बनर्जी ने कहा कि इस कार्यक्रम के बारे में राज्य सरकार को अंधेरे में रखना गैरकानूनी है। अब तो इस शख्स (पीएम मोदी) के बारे में भी बात करने में शर्म आता है। ममता ने कहा कि कार्यक्रम में हाईकोर्ट से कोई भी प्रतिनिधि मौजूद नहीं था। इसका सभी खर्च हमने उठाए हैं। यह जमीन राज्य सरकार और हाईकोर्ट के सर्किट बैंच की है, लेकिन कोई भी प्रतिनिधि वहां मौजूद नहीं था। इसका मतलब यह हुआ कि दुल्हा-दुल्हन वहां नहीं थे लेकिन बैंड पार्टी वाले मौजूद थे। बता दें कि पीएम मोदी ने जलपाईगुड़ी में राष्ट्रीय राजमार्ग-31 के 41 किलोमीटर लंबे फलाकाता-सलसलाबाड़ी खंड को फोरलेने करने के काम की आधारशिला रखी। यह काम 1938 करोड़ रुपए में पूरा होना है।
ममता का पीएम पर वार
आपको बता दें कि ममता बनर्जी ने कहा है कि चुनाव आने के साथ ही अब मोदी जी चायवाल बन गए हैं। जैसे ही चुनाव खत्म हो जाएंगे वे रफालवाला बन जाएंगे। बता दें, पीएम मोदी ने शुक्रवार को जलपाईगुड़ी में एक रैली को संबोधित करते हुए कहा कि यहां के लोगों से मेरा विशेष नाता है। क्योंकि यहां के लोग दुनिया की अच्छी चायपत्ती उत्पादित करते हैं और मैं चाय बेचता हूं। आगे उन्होंने ममता पर तंज कसते हुए कहा कि आखिर एक चायवाले से ममता बनर्जी को इतना डर क्यों लगता है दीदी।
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Updated on:
08 Feb 2019 06:54 pm
Published on:
08 Feb 2019 05:57 pm
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