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डिप्टी सीएम सिसोदिया की अफसरों को चेतावनी, SC के आदेश का पालन करें वरना अवमानना का केस झेलें

दरअसल मुख्य सचिव ने सिसोदिया को पत्र लिखकर कहा है कि सेवा विभाग अदालत के आदेश का पालन नहीं करेगा। जिसपर सिसोदिया ने आदेश को पालन करने को कहा है।

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manish sisodiya

अफसरों को सिसोदिया की चेतावनी, SC के आदेश का पालन करें वरना अवमानना का केस झेलें

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट के आदेश आने के बाद भी दिल्ली में उप राज्यपाल और आम आदमी पार्टी की सरकार के बीच ताकत को लेकर तनातनी बरकरार है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली के विकास के लिए उप राज्यपाल से मिलने के लिए पत्र लिखा है। वहीं उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने सर्विसेस विभाग के सचिव को सुप्रीम कोर्ट के आदेश को तत्काल प्रभाव से लागू करने का आदेश दिया है। साथ ही नहीं आदेश नहीं मानने पर कोर्ट की अवमानना का केस झेलने को तैयार रहने की चेतावनी दी है। सिसोदिया ने कहा कि सरकार अब इस मामले में कानूनी सलाह ले रही है। अधिकारियों के निर्णय को दुर्भाग्यापूर्ण बताते हुए उन्होंने कहा कि देश में लोकतंत्र है और अगर अधिकारी अदालत के आदेश का पालन नहीं करेंगे तो लोकतंत्र कैसे काम करेगा।

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आदेश पालन नहीं करने पर अधिकारियों को होगी दिक्कत

दरअसल मुख्य सचिव ने सिसोदिया को पत्र लिखकर कहा है कि सेवा विभाग अदालत के आदेश का पालन नहीं करेगा। इससे अधिकारियों को भी मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा, अगर वे आदेश का पालन नहीं करेंगे। अदालत के आदेश के बाद भी, उप राज्यपाल सेवा विभाग की फाइल को देखने के लिए अगर जोर डालते हैं तो यह अदालत की अवमानना होगी।"

केंद्र और उप राज्यपाल दबाव नहीं डाल सकते

दरअसल, बुधवार को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में अधिकारों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया था, जिसके बाद मनीष सिसोदिया ने ट्रांसफर-पोस्टिंग का अधिकार उप राज्यपाल से हटाकर मुख्यमंत्री को हस्तांतरण करने के आदेश दिए थे। इसपर सचिव ने मानने से इनकार दिया है। जिसके बाद उप मुख्यमंत्री सिसोदिया ने प्रेस वार्ता कर सचिव को चेतावनी दी है। सिसोदिया ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद, केंद्र सरकार का दिल्ली के सर्विस डिपार्टमेंट पर कोई दबाव डालने का हक नहीं बनता है। लेकिन इसके बावजूद अधिकारी कह रहें हैं कि गृह मंत्रालय के पहले के आदेश को खारिज नहीं किया गया है, इसलिए वे लोग सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का पालन नहीं करेंगे। अगर सर्वोच्च न्यायालय ने कुछ आदेश दिया है, तो इसे पालन नहीं करने का कोई रास्ता नहीं है।

उप राज्यपाल और केंद्र से सहयोग की अपील

सिसोदिया ने कहा कि अदालत के आदेश के बावजूद भी उप राज्यपाल ने सेवा विभाग की फाइलों पर हस्ताक्षर किए जो कि खुले तौर पर न्यायालय के आदेश का उल्लंघन है। सिसोदिया ने केंद्र और उप राज्यपाल से सहयोग का आग्रह करते हुए कहा, "मैं विश्वास करता हूं कि उप राज्यपाल (अदालत के) आदेश का उल्लंघन नहीं करेंगे।"सिसोदिया ने कहा, "अगर अदालत का आदेश, खासकर संवैधानिक पीठ के आदेश का खुले तौर पर उल्लंघन होगा तो देश अराजकता की स्थिति में पहुंच जाएगा। तब कानून कहां रहेगा?"सिसोदिया के मुताबिक दो साल पहले हाईकोर्ट ने आप सरकार के खिलाफ फैसला सुनाया था। बावजूद आप की सरकार कोर्ट के आदेश का पालन और सम्मान किया।