
नई दिल्ली। महाराष्ट्र में सरकार गठन को लेकर सत्ता पक्ष और विरोधी खेमों में सस्पेंस बढ़ता जा रहा है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ( एनसीपी ) के सुप्रीमो शरद पवार ने इस सस्पेंस को चौंकाने वाला बयान देकर और बढ़ा दिया है।
एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि वह महाराष्ट्र सरकार में हिस्सेदार नहीं बनने जा रहे हैं। बीजेपी और शिवसेना को सरकार गठन का जनादेश मिला है। सरकार बनाने की जिम्मेदारी इन दोनों पार्टियों की ही है।
इस बार सरकार गठन में कांग्रेस और एनसीपी मजबूत विपक्ष की भूमिका निभाएगी। साथ उन्होंने बड़बोले शिवसेना नेता संजय राउत से हुई मुलाकात को लेकर मीडियो की ओर से पूछे गए सवाल पर कहा कि राउत से सियासी समीकरण को लेकर कोई बात नहीं हुई। लेकिन इतना तय है कि शिवसेना के पास 175 विधायक नहीं है। संजय राउत का दावा निराधार है।
इसके साथ ही मराठा क्षत्रप शरद पवार ने महाराष्ट्र में सरकार गठन करने के लिए शिवसेना के सामने कठिन शर्त भी रख दी है। उन्होंने कहा कि अगर शिवसेना एनसीपी और कांग्रेस की मदद से महाराष्ट्र में सरकार बनाना चाहती है तो उसे बीजेपी के साथ गठबंधन खत्म करने का ऐलान करना होगा। अगर शिवसेना ऐसा करती है तो एनसीपी महाराष्ट्र में एक नए राजनीतिक विकल्प पर विचार कर सकती है।
इस मामले में एनसीपी के एक नेता ने बताया कि उनकी पार्टी शिवसेना के साथ बातचीत आगे बढ़ाने से पहले चाहती है कि केंद्र सरकार में शिवसेना के इकलौते मंत्री अरविंद सावंत इस्तीफा दें। वहीं सरकार गठन को लेकर जारी जंग को देखते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे भी मुंबई पहुंचने को कहा गया है।
Updated on:
07 Nov 2019 08:42 am
Published on:
06 Nov 2019 04:07 pm
बड़ी खबरें
View Allराजनीति
ट्रेंडिंग
