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मायावती जब CM थी उनके भाई की कंपनियों को हुआ 18 हजार प्रतिशत फायदा

उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री रही मायावती ने सत्ता में रहते अपने भाई को मालामाल कर दिया था।
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Sweta Pachori

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Updated: 10 Jan 2017, 9:50 AM IST

mayawati brother

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नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री रही मायावती ने सत्ता में रहते अपने भाई को मालामाल कर दिया था। बसपा प्रमुख मायावती की मुश्किलें अब बढ़ सकती है। एक अग्रेंजी टीवी चैनल की रिपोर्ट में उनका काला सच सामने आया है। इस रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि मायावती के भाई आनंद कुमार की कंपनियों ने 7 साल के अंदर 18 हजार प्रतिशत मुनाफा कमाया था।

इनकम टैक्स की जांच के दायरे में मायावती का भाई

इन सात सालों में करीब पांच साल (2007-2012) तक आनंद कुमार की बहन मायावती यूपी की मुख्यमंत्री थी। इस मामले के बाद इनकम टैक्स विभाग आनंद कुमार की कंपनियों की जांच कर रहा है। इनकम टैक्स विभाग आनंद कुमार की 1300 करोड़ रुपए की संपत्ति की जांच कर रहा है। आनंद कुमार कम से कम 12 बड़ी कंपनियों के मालिक हैं। उनकी 1316 करोड़ की जो संपत्ति जांच के दायरे में है, उसमें 440 करोड़ रुपये कैश जबकि 870 करोड़ रुपये जमीन सहित अचल संपत्ति के रूप में हैं।

कई फर्जी कंपनियां चलाते हैं आनंद कुमार

रिपोर्ट में ये खुलासा भी हुआ है कि आनंद कुमार फर्जी कंपनियां चलाते थे। उनकी ऐसी ही कंपनी में दीया रिअल्टर्स प्राइवेट लिमिटेड ने सात साल के अंदर करीब 45257 प्रतिशत का मुनाफा कमाया है। आनंद कुमार की संपत्ति 2007 से 2014 के बीच काफी तेजी से बढ़ी। इस दौरान आनंद की संपत्ति 7.5 करोड़ रुपये से बढ़कर 1316 करोड़ रुपये हो गई। इसके पहले प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मायावती के भाई के अकाउंट में 1.43 करोड़ और बीएसपी से जुड़े एक खाते में 104 करोड़ रुपये जमा होने का पता लगाया था। ये पैसा 8 नवंबर को नोटबंदी के बाद खातों में जमा किया गया।

भाजपा ने बोला मायावती पर हमला

इस रिपोर्ट के बाद भाजपा ने मायावती पर हमला बोला है। भाजपा प्रवक्‍ता संबित पात्रा ने कहा कि अब हमें इस बात का पता चल गया है कि नोटबंदी की घोषणा के बाद मायावती क्‍यों लगातार विरोध जता रही थीं। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के संदेह के घेरे में आई कंपनियों में से पहली है-आकृति होटल्स प्राइवेट लिमिटेड। आनंद कुमार की इस होटल में डिबेन्चर शेयर्स के जरिए हिस्सेदारी है। रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज के आंकड़ों के मुताबिक, आकृति होटल्स दिल्ली की एक कंपनी है। इस कंपनी के तीन डायरेक्टर और 37 इक्विटी शेयरहोल्डर्स हैं। हालांकि, ये सभी वैध नहीं नजर आते। आकृति होटल्स की कई शेयरहोल्डर कंपनियों का वजूद सिर्फ कागजों पर है।

कंपनी के रजिस्टर एड्रेस पर नहीं मिला कोई भी ऑफिस

आकृति होटल्स में कई कंपनियों-भास्कर फंड मैनेजमेंट लिमिटेड, क्लिफ्टन पियरसन एक्सपोर्ट एंड एजेंसीज, डेल्टन एक्जिम प्राइवेट लिमिटेड, गंगा बिल्डर्स लिमिटेड की हिस्सेदारी है। इनके पास कुल 5,00,150 शेयर हैं। ये कंपनियां कोलकाता के महेशताला स्थित एक ही बिल्डिंग से चलती हैं। इन तीनों के डायरेक्टर भी एक हैं। जांच करने पर यह भी पाया गया कि इस लोकेशन पर ऐसा कोई ऑफिस नहीं है। आकृति होटल्स की तरह नॉवल्टी ट्रेडर्स प्राइवेट लिमिटेड और हरिबोल मार्केट गुवाहाटी के बताए गए एड्रेस पर कोई कंपनी मौजूद नहीं थी। नॉवल्टी ट्रेडर्स के आकृति होटल्स में 27 हजार शेयर हैं।