30 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

महबूबा मुफ्ती की मोदी सरकार को धमकी, पीडीपी में सेंध लगी तो भुगतना होगा अंजाम

मुफ्ती ने है कि अगर दिल्ली हस्तक्षेप करती है, हमारी पार्टी को तोड़ती है और सज्जाद लोन या किसी को भी मुख्यमंत्री बनाती है, तो इससे कश्मीरियों का भारतीय लोकतंत्र में विश्वास समाप्त हो जाएगा।

2 min read
Google source verification

image

Chandra Prakash Chourasia

Jul 07, 2018

mehbooba mufti

महबूबा मुफ्ती की मोदी सरकार को धमकी, पीडीपी में सेंध लगी तो भुगतना होगा गंभीर परिणाम

नई दिल्ली: जम्मू कश्मीर में बेशक बीजेपी और पीडीपी के बीच गठबंधन खत्म हो चुका है, सरकार गिर चुकी है लेकिन राजनीतिक बयानबाजी थमने के बजाए हर रोज बढ़ती जा रही है। अब पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने केंद्र सरकार को चेतावनी दी है। मुफ्ती ने है कि अगर दिल्ली हस्तक्षेप करती है, हमारी पार्टी को तोड़ती है और सज्जाद लोन या किसी को भी मुख्यमंत्री बनाती है, तो इससे कश्मीरियों का भारतीय लोकतंत्र में विश्वास समाप्त हो जाएगा। दिल्ली द्वारा किसी भी प्रकार के हस्तक्षेप को गंभीरता से लिया जाएगा।

कांग्रेस के साथ नहीं करेंगे गठबंधन: महबूबा

एक निजी चैनल से बात करते हुए पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने पीडीपी और कांग्रेस के संभावित गठबंधन की खबर पर भी खुलकर बोला। मुफ्ती ने इन खबरों को आधारहीन बताते हुए कहा कि अगर ऐसा होता तो मैं इस्तीफा क्यों देती? जब हमारी सरकार गिरी, राज्यपाल ने मुझसे पूछा कि क्या मैं अन्य विकल्पों की ओर देख रही हूं और मैंने उनसे कहा कि मैं एक घंटे में उन्हें अपना इस्तीफा सौंपूंगी।

यह भी पढ़ें: जापान के कई शहरों में बाढ़ ने मचाई भीषण तबाही, अबतक 50 लोगों की मौत

'महान उद्देश्य के लिए बीजेपी के साथ सरकार बनाई'

महबूबा ने कहा कि पीडीपी दो साल पहले कांग्रेस के साथ सरकार बना सकती थी। लेकिन हमने ऐसा नहीं किया और एक महान उद्देश्य के लिए बीजेपी के साथ सरकार बनाई, जिसका सपना मेरे पिता ने देखा था।

यह भी पढ़ें: आतंकी हाफिज सईद बोला- हमारी सरकार बनी तो भारत पर करेंगे परमाणु हमला

पीएम मोदी ने घाटी के लोगों को निराश किया: मुफ्ती

प्रधानमंत्री मोदी के पाकिस्तान के साथ शांति की कोशिश और उसके जवाब में पाकिस्तान की ओर से पठानकोट और उरी जैसी घटनाएं अंजाम देने के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा कि मैं यह नहीं कहती हूं कि पीएम मोदी ने प्रयास नहीं किया, लेकिन इसमें निरंतरता होनी चाहिए। हमने पीएम को श्रीनगर आने का निमंत्रण दिया, जहां उन्होंने विशाल जनसभा को संबोधित किया। घाटी के लोगों को बहुत उम्मीदें थी, लेकिन वे निराश होकर अपने घर गए।

'कश्मीर के बगैर भारत अधूरा'

समस्याओं का सामना करने के लिए मोदी के 56 इंच के सीने के दावे को याद करते हुए मुफ्ती ने कहा कि उन्हें जम्मू-कश्मीर के लोगों को अपने 56 इंच के सीने में से कम से कम एक इंच भी देना चाहिए था। भारत का विचार, जम्मू एवं कश्मीर के विचार के बिना अधूरा है।

क्या है जम्मू कश्मीर का राजनीतिक गणित

87 सदस्यीय जम्मू एवं कश्मीर विधानसभा में सत्ता हासिल करने के लिए जरूरी सदस्यों के जादुई आंकड़े किसी भी पार्टी के पास नहीं हैं। सदन में, पीडीपी के पास 28 विधायक हैं, बीजेपी के पास 25 विधायक हैं और इसे पीपुल्स कांफ्रेंस के दो विधायकों और लद्दाख के एक विधायक का समर्थन प्राप्त है। यहां सरकार बनाने के लिए किसी भी पार्टी को 44 विधायकों के समर्थन की जरूरत होगी। यहां 19 जून से राज्यपाल शासन लागू है।

Story Loader