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अविश्वास प्रस्ताव: तीन सांसद निकले दगाबाज, अंतिम समय में नहीं दिया सरकार को वोट

मोदी सरकार को 325 वोट मिले जबकि विपक्ष को 126 वोट ही पड़े। लेकिन परिणाम आने के बाद एक बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा हुआ।

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Kiran Rautela

Jul 21, 2018

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अविश्वास प्रस्ताव: तीन सांसद निकले दगाबाज, अंतिम समय में नहीं दिया सरकार को वोट

नई दिल्ली। संसद का मानसून सत्र चल रहा है। सत्र के तीसरे दिन लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर जमकर बयान बाजी हुई। पक्ष-विपक्ष के आरोप-प्रत्यारोप के बाद शुक्रवार देर रात प्रस्ताव पर वोटिंग हुई। जिसमें सत्ताधारी मोदी सरकार ने विपक्ष को मात देते हुए जीत हासिल की।

बता दें कि सदन में सिर्फ 451 सांसद मौजूद थे। जिसमें से मोदी सरकार को दो-तिहाई बहुमत यानी 325 वोट मिले जबकि विपक्ष को 126 वोट ही पड़े। परिणाम आने के बाद एक बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा हुआ। दरअसल, अविश्वास प्रस्ताव के विरोध में यानी सरकार के पक्ष में 325 सांसदों का आंकड़ा था। लेकिन मोदी सरकार को 325 वोट ही मिले।

अब सोचने वाली बात ये है कि वो तीन सांसद कौन थे जिन्होंने बहुमत का विश्वास दिलाकर अविश्वास का दामन थामा। हांलाकि अभी तक उन तीन सांसदों का पता नहीं चल पाया है जिन्होंने सरकार के पक्ष में वोट नहीं दिए।

अविश्वास प्रस्ताव: इन तीन पार्टियों ने बिगाड़ा बहुमत का गणित

गौरतलब है कि वोटिंग के दौरान भाजपा के पास 328 सांसद थे। जिनमें से 271 सांसद भाजपा के, 37 सांसद एआईएडीएमके के , एलजेपी के 6 सांसद, अकाली दल के 4 सांसद, जेडीयू के 2 सांसद, आरएलएसपी के 2 सांसद और अपना दल के 2 सांसद मौजूद थे। वहीं नागा पीपुल फ्रंट, नेशनल पीपुल पार्टी और सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट और रिपब्लिकन पार्टी के एक-एक सांसदों ने भी वोट सरकार के पक्ष में डाले।

गौरतलब है कि टीडीपी सांसद ने मोदी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव दिया था, जिसे लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन ने मंजूरी दी और पूरे दिन सदन में बहस चलती रही। बता दें कि शुक्रवार को सदन में बहस शुरू हुई और देर रात तक चलती रही। कार्यवाही शुरू करते हुए पहले टीडीपी सांसद ने अविश्वास प्रस्ताव पर अपनी बात रखी और फिर शुरू हुई ड्रामा, काॅमेडी और वाद-प्रतिवाद का सिलसिला।

विपक्ष से कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने अपना भाषण शुरू करते हुए केंद्र पर निशाना साधना शुरू कर दिया। राहुल ने सत्ताधारी मोदी सरकार के कामों और वादों को जुमला नाम दिया और खूब प्रहार किए। राहुल गांधी अपना भाषण

खत्म करके पीएम मोदी के पास भी गए और उन्हें गले लगाया। यही नहीं राहुल ने सीट से आंख भी मारी, जिसे लेकर खूब हंसी-मजाक का माहौल बना रहा।

पीएम मोदी ने अपने भाषण में राहुल को जवाब देते हुए और आंख मारने की हरकत पर तंज करते हुए कहा कि ये आंखों का खेल पूरा देश देख रहा है। राहुल गांधी को आंख में आंख डालने वाले बयान पर पीएम बोले - हम गरीब हैं। हमारी हैसियत आंख में आंख डालने की नहीं है। हम कामदार हैं और आप नामदार हैं। इसके साथ ही पीएम ने प्रस्ताव को खारिज करने की बात कहकर अपने भाषण को विराम दिया।