MODI GOVERNMENT-2 : एक साल पूरा होने पर प्रधानमंत्री मोदी ने लिखा पत्र, कहा - कोई आपदा भारत का भविष्य तय नहीं करेगा, हम खुद करेंगे

Highlights

- देश की जनता ने कई साल बाद दूसरी बार (Second Time) लगातार पूर्ण बहुमत (Full Majority) की किसी सरकार को जनादेश (Mandate ) दिया था

- दूसरे कार्यकाल (Second Term) में मोदी सरकार (Modi Government) का मंत्र था- "सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास"

- मोदी सरकार: 2.0 का एक साल पूरा होने पर प्रधानमंत्री (Prime Minister) ने जनता को पत्र (Letter) के माध्यम से किया संबोधित

By: Ashutosh Pathak

Updated: 30 May 2020, 11:42 AM IST

आशुतोष पाठक। नई दिल्ली

मोदी सरकार: 2.0 के कार्यकाल का एक साल शनिवार को पूरा हो रहा है। ऐसा देश में दशकों पहले हुआ था, जब पूर्ण बहुमत (Full Majority) की किसी सरकार को लगातार दूसरी बार जनता ने जिम्मेदारी सौंपी थी। इस बार सरकार का मंत्र था- "सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास"। सरकार का दावा है कि बीते एक साल में इसी मंत्र को ध्यान में रखते हुए कामकाज किए गए और योजनाओं (Schemes) का क्रियान्वयन हुआ।

इससे पहले, मोदी सरकार के पहले कार्यकाल (वर्ष 2014 से वर्ष 2019) में जहां वैश्विक स्तर (worldwide) पर भारत (India) की आन-बान और शान में वृद्धि हुई। वहीं, गरीबों का मुफ्त बैंक खाता खुलवाने के लिए जनधन योजना (Jandhan Account), मुफ्त गैस कनेक्शन (Free Gas Connection) के तहत उज्जवला योजना (Ujjwala Yojna), गरीबों को मुफ्त बिजली कनेक्शन (Free Light), मुफ्त शौचालय निर्माण, मुफ्त घर निर्माण के साथ-साथ दूसरी कल्याणकारी योजनाएं भी शुरू की गई थीं। वन रैंक-वन पेंशन (One Rank One Pension), जीएसटी (GST) जैसे कई लंबित योजनाएं भी मोदी सरकार ने पहले कार्यकाल में ही पूरा कर लिया था। इसके अलावा, पाकिस्तान (Pakistan) को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए सर्जिकल स्ट्राइक (Surgical Strike ) और एयर स्ट्राइक (Air Strike) भी पहले कार्यकाल में ही हुई।

मोदी सराकार के दूसरे कार्यकाल (वर्ष 2019 से वर्ष 2024) का एक साल शनिवार 30 मई 2020 को पूरा हो रहा है। ऐसे में भारत जब कोरोना (Coronavirus) जैसी वैश्विक महामारी से लड़ रहा है, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने देश की जनता को पत्र के माध्यम से संबोधित कर अपना संदेश दिया है।

प्रधानमंत्री ने पत्र में क्या लिखा है --

यह पत्र उन्होंने चार भागों में लिखा है। इसके पहले भाग में प्रधानमंत्री ने सरकार के पहले कार्यकाल का जिक्र किया है। इसमें उन्होंने सरकार की ओर से किए गए उल्लेखनीय कार्यों और जनहित व देशहित में लिए गए फैसलों को बताया है। पत्र के दूसरे भाग में प्रधानमंत्री ने सरकार के दूसरे कार्यकाल का एक साल पूरा होने पर अब तक किए महत्वपूर्ण कार्यों और योजनाओं के बारे में जानकारी दी है। वहीं, पत्र के तीसरे भाग में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीते लगभग तीन महीने में कोरोना जैसी वैश्विक महामारी से चल रही लड़ाई और अम्फान (Amphan) तथा सुपर साइक्लोन (Super cyclone) पर कैसे विजय हासिल की गई, इसका उल्लेख किया है। पत्र के चौथे यानी अंतिम भाग में प्रधानमंत्री ने बताया है कि इस संकट से भारत कैसे उबरेगा। कैसे 20 लाख करोड़ का आर्थिक राहत पैकेज बिगड़ रही आर्थिक व्यवस्था को वापस पटरी पर लाएगा। सरकार देश और जनता को कैसे आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कदम उठा रही है, इन बातों का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने पत्र का समापन एक कविता के जरिये किया है।

मोदी सरकार ने अपने इस कार्यकाल में अब तक कौन से प्रमुख कार्य किए हैं, उन्हें हम अपने पाठकों को सरल शब्दों में बता रहे हैं। --

- राष्ट्रीय एकता-अखंडता के लिए आर्टिकल-370 लागू हुआ।

- कई साल के संघर्ष के बाद राम मंदिर निर्माण का कार्य शुरू हो रहा।

- आधुनिक समाज की व्यवस्था में बाधक बनी कुप्रथा तीन तलाक का अंत हुआ।

- भारत की करुणा का प्रतीक नागरिकता संशोधन कानून को लागू हुआ।

- सेनाओं में आपसी समन्वय को बढ़ाने के लिए चीफ ऑफ डिफेंस स्टॉफ पद का गठन हुआ।

- भारत ने मिशन गगनयान के लिए अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं।

- किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए पीएम किसान सम्मान निधि योजना लाई गई।

- करीब 15 करोड़ ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल के लिए जल जीवन मिशन शुरू हुआ।

- करीब 50 करोड़ पशुधन के बेहतर स्वास्थ्य के लिए मुफ्त टीकारण अभियान शुरू हुआ।

- 60 वर्ष की आयु के बाद 3 हजार रुपये की नियमित मासिक पेंशन सुविधा सुनिश्चित हुई।

- Blue Economy को मजबूत करने और मछुआरों की सहूलियत के लिए अलग से विशेष विभाग बना।

- व्यापारियों की समस्याओं के समाधान के लिए व्यापारी कल्याण बोर्ड के निर्माण का निर्णय हुआ।

- स्वयं सहायता समूहों के लिए बिना गारंटी ऋण की राशि दोगुनी की गई।

- आदिवासी बच्चों की शिक्षा के लिए करीब 450 एकलव्य मॉडल रसिडेंशियल स्कूलों का निर्माण शुरू हुआ।

- संसद ने कामकाज को लेकर दशकों पुराने रिकॉर्ड को तोड़ा।

- गांवों में इंटरनेट इस्तेमाल करने वालों की संख्या शहरी उपभोक्ताओं की अपेक्षा 10 प्रतिशत ज्यादा हुई

- कंज्यूमर प्रोटेक्शन एक्ट, चिटफंड कानून में संशोधन, दिव्यांगों-महिलाओं और बच्चों को अधिक सुरक्षा देने जैसे कई और कानून बनाए गए

Ashutosh Pathak
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