इससे पहले भी मोदी सरकार ने 2 पुरस्कारों "इंदिरा गांधी राजभाषा पुरस्कार" और "राजीव गांधी राष्ट्रीय ज्ञान-विज्ञान पुस्तक लेखन पुरस्कार" के नाम बदलकर उनमें से क्रमश: इंदिरा गांधी और राजीव गांधी के नाम हटा दिए थे। हाल में ही नेहरू मैमोरियल म्यूजियम और लाईब्रेरी जैसी ऎतिहासिक संस्था में से पंडित जवाहरलाल नेहरू का नाम मिटाने के लिए आमूलचूल परिवर्तन करने की एक सस्ती कोशिश सरकार द्वारा की गई। आधुनिक भारत के निर्माताओं की श्रेणी के तहत इंदिरा गांधी और राजीव गांधी की तस्वीरों वाले डाक टिकट चल रहे थे। हालांकि जवाहर लाल नेहरू, बीआर अंबेडकर, मदर टेरेसा की तस्वीरों वाले डाक टिकटों को अक्षुण्ण रखा गया है। नई विषयवस्तु के तहत श्यामाप्रसाद मुखर्जी, दीनदयाल उपाध्याय, नेताजी सुभाषचंद्र बोस, सरदार वल्लभ भाई पटेल, शिवाजी, मौलाना आजाद, भगत सिंह, जयप्रकाश नारायण, राममनोहर लोहिया, विवेकानंद और महाराणा प्रताप जैसी प्रसिद्ध हस्तियों की तस्वीरों वाले डाक टिकट लाए गए हैं।