14 फ़रवरी 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

सरकार बंद करेगी इंदिरा और राजीव गांधी की फोटो वाले डाक टिकट 

नई विषयवस्तु के तहत श्यामाप्रसाद मुखर्जी, दीनदयाल उपाध्याय, नेताजी सुभाषचंद्र बोस, और महाराणा प्रताप जैसी प्रसिद्ध हस्तियों की तस्वीरों वाले डाक टिकट लाए गए हैं।

2 min read
Google source verification

image

Vikas Gupta

Sep 16, 2015

नई दिल्ली। मोदी सरकार ने पूर्व प्रधानमंत्रियों राजीव गांधी और इंदिरा गांधी की फोटो छपे डात टिकटों को बंद करने के फैसला लिया हैं। एनडीए सरकार ने डाक टिकटों के संदर्भ में विषय वस्तु के रूप में आधुनिक भारत के निर्माताओं (बिल्डर्स ऑफ मॉडर्न इंडिया) के स्थान पर भारत के निर्माता (मेकर्स ऑफ इंडिया) रखा है।

इससे पहले भी मोदी सरकार ने 2 पुरस्कारों "इंदिरा गांधी राजभाषा पुरस्कार" और "राजीव गांधी राष्ट्रीय ज्ञान-विज्ञान पुस्तक लेखन पुरस्कार" के नाम बदलकर उनमें से क्रमश: इंदिरा गांधी और राजीव गांधी के नाम हटा दिए थे। हाल में ही नेहरू मैमोरियल म्यूजियम और लाईब्रेरी जैसी ऎतिहासिक संस्था में से पंडित जवाहरलाल नेहरू का नाम मिटाने के लिए आमूलचूल परिवर्तन करने की एक सस्ती कोशिश सरकार द्वारा की गई। आधुनिक भारत के निर्माताओं की श्रेणी के तहत इंदिरा गांधी और राजीव गांधी की तस्वीरों वाले डाक टिकट चल रहे थे। हालांकि जवाहर लाल नेहरू, बीआर अंबेडकर, मदर टेरेसा की तस्वीरों वाले डाक टिकटों को अक्षुण्ण रखा गया है। नई विषयवस्तु के तहत श्यामाप्रसाद मुखर्जी, दीनदयाल उपाध्याय, नेताजी सुभाषचंद्र बोस, सरदार वल्लभ भाई पटेल, शिवाजी, मौलाना आजाद, भगत सिंह, जयप्रकाश नारायण, राममनोहर लोहिया, विवेकानंद और महाराणा प्रताप जैसी प्रसिद्ध हस्तियों की तस्वीरों वाले डाक टिकट लाए गए हैं।

एक सरकारी प्रवक्ता ने कहा कि यह नियमित प्रक्रिया है। डाक टिकटों में जुड़ने और घटने का काम विषयवस्तु के आधार पर होता रहता है। इसी माह के प्रारंभ में संचार मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा था कि उन्होंने विभागों को देशभर के डाकघरों में नियमित इस्तेमाल के लिए मशहूर हस्तियों पर डाक टिकट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।

इस बीच कांग्रेस ने इंदिरा गांधी एवं राजीव गांधी की स्मृतियों में जारी डाक टिकटों को बंद करने के सरकार के फैसले पर तीखी प्रतिक्रिया दी है. कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि यह प्रदर्शित करता है कि प्रतिशोध की राजनीति में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार की घृणा चरम पर पहुंच गई है।

ये भी पढ़ें

image