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नई दिल्ली: मानसून सत्र के पहले लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने भाजपा की अगुवाई वाली सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव स्वीकार कर लिया है। वहीं सरकार ने इसे गिरने को लेकर विश्वास जताया है। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार ने कहा, "हम अविश्वास प्रस्ताव पर विपक्ष को करारा जवाब देने के लिए तैयार हैं। हम इसे हराने के लिए 100 प्रतिशत आश्वस्त हैं। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन(राजग) एकजुट है और हमारे सदस्य प्रस्ताव के खिलाफ वोट देंगे।" अविश्वास प्रस्ताव लाने के पीछे विपक्ष के इरादों के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि यह उनका 'लोकतांत्रिक अधिकार' है। उन्होंने कहा, "विपक्ष उन मुद्दों को फिर से उठाएगा, जो वह उठाती रही है। वे लोग फिर एकबार सरकार के बारे में झूठ फैलाएंगे। हम सभी प्रश्नों का जवाब देने के लिए तैयार हैं। यह हमें लोगों को सरकार की उपलब्धियों को बताने का मौका प्रदान करेगा।"
अनंत कुमार ने कहा, हम पिछले चार वर्षो में सरकार द्वारा की गई कल्याणकारी योजनाओं और विकास परियोजनाओं को लोगों के समक्ष रखेंगे। साथ ही हम पूर्ण बहुमत वाली सरकार चला रहे हैं। राजग की 21 राज्यों में सरकार है। गत चार वर्षो में हुए सभी चुनावों में लोगों ने उन्हें खारिज किया है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व के प्रति पूरा विश्वास जताया है।" बता दें कि सदन में शुक्रवार को अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा होगी और उसके बाद मतदान होगा।
सरकार हर मुद्दे पर बहस के लिए तैयार
दरअसल, मंगलवार को सर्वदलीय बैठक में पीएम मोदी ने विपक्षी दलों से शांति और सहयोग की अपील की थी। लेकिन कांग्रेस सहित सभी विपक्षी पार्टियों ने अपने अपने मुद्दे उठाने के संकेत दिए थे। बुधवार सुबह सदन में जाते हुए भी पीएम ने मीडिया से बातचीत में कहा था कि सरकार सभी मुद्दों पर बहस के लिए तैयार है। पीएम मोदी के इन बातों का असर भी उस समय दिखा जब स्पीकर ने अविश्वास प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया।
Published on:
18 Jul 2018 09:13 pm
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