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लोकसभा चुनाव के चक्कर में केंद्र सरकार ने कलकत्ता में करवाई CBI की छापेमारी: शिवसेना

मोदी सरकार की सहयोगी शिवसेना ने बताया है कि आखिर सीबीआई ने इस वक्त कलकत्ता में सीबीआई की छापेमारी क्यों की है।
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Chandra Prakash Chourasia

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Updated: 5 Feb 2019, 7:57 PM IST

shiv sena

लोकसभा चुनाव के चक्कर में केंद्र सरकार ने कलकत्ता में करवाई CBI की छापेमारी: शिवसेना

नई दिल्ली। कभी एनडीए की सहयोगी रही शिवसेना लगाकार मोदी सरकार की नीतियों के खिलाफ आवाज बुलंद कर रही है। अब पश्चिम बंगाल सरकार और केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) विवाद पर भी शिवसेना ने केंद्र की बीजेपी सरकार की कड़ी निंदा की है। शिवसेना ने अपने मुखपत्र ‘सामना’ में कहा है कि कोलकाता में जो कुछ हो रहा है, वह लोकतंत्र के लिए खतरनाक है।

ये कार्रवाई दो महीने पहले भी हो सकती थी: शिवसेना

सामना के संपादकीय में कहा गया कि केंद्र कोलकाता पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार के खिलाफ दो महीने पहले भी कार्रवाई कर सकती थी। लेकिन इसे लोकसभा चुनाव से पहले किया गया है। शिवसेना ने आगे केंद्रीय जांच एजेंसी को भी निशाने पर लेते हुए कहा कि सीबीआई को भी पुलिस प्रमुख से पूछताछ के लिए उनके आवास पर जाने से पहले औपचारिक समन जारी किया जाना चाहिए था।

'चुनावी फायदे के लिए गुप्त रूपेण योजना'

शिवसेना ने केंद्र सरकार के मुखिया पर हमला बोलते हुए लिखा है कि नरेंद्र मोदी को पश्चिम बंगाल के संकट को देश के प्रधानमंत्री के रूप में देखना चाहिए न कि भारतीय जनता पार्टी के नेता के रूप में। यह सब आगामी लोकसभा चुनाव में राजनीतिक नफे के लिए ‘गुप्त रूपेण योजना’ है।

ममता से मतभेद लेकिन केंद्र के खिलाफ साथ?

संपादकीय में कहा गया कि इसमें कोई शक नहीं कि ममता बनर्जी और उनकी पार्टी के साथ हमारे मतभेद हैं, लेकिन वास्तव में वह समान विचारधारा वाले बलों के साथ केंद्र के खिलाफ संघर्षरत है

'सत्ता के लिए केंद्र और ममता सरकार में रस्साकसी'

अभी भी महाराष्ट्र सरकार में बीजेपी की सहयोगी शिवसेना ने दावा किया कि लोकसभा चुनाव में बीजेपी को उत्तरी भारत से महाराष्ट्र तक 100 सीटों का नुकसान होने जा रहा है। इसकी भरपाई के लिए बीजेपी ने पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में 10 से 15 सीटें पाने की उम्मीदें लगाई हैं। केंद्र और ममता बनर्जी सरकार के बीच जारी रस्साकसी इसी का नतीजा है।