पीएमओ में सब ऐसे लोग हैं, जो पीएम को देख कर खड़े हो जाते हैं। कुछ ऐसे लोग भी होने चाहिए जिन्हें देख पीएम खड़े हो जाएं। अकबर जैसा भी बादशाह था, लेकन उसके पास नौ रत्न थे। पंडित नेहरू व कुछ-कुछ इंदिरा गांधी के बाद जितने भी प्रधानमंत्री हुए, उनके पास कोई रत्न नहीं। अनुपम खेर के मार्च पर उन्होंने कहा कि मेरी पत्नी एमपी होती तो मुझे भी यही करना पड़ता। साहित्यकारों का झगड़ा है, नौटंकी के लोगों को बीच में आने की क्या जरूरत है। मुम्बई वाले गूंगे हैं, हम लिखते हैं जब वे बोलते हैं।