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दिल्ली में चढ़ा सियासी पाराः आरएसएस के संगठन ने पहले ही दिन दी इफ्तार पार्टी, रमजान के बहाने वोटों पर नजर

दिल्ली में गर्माया सियासी पारा रमजान के पहले ही दिन हुई राजनीतिक इफ्तार पार्टी आरएसएस के संगठन ने बटला हाउस में दी पार्टी 12 मई को 7 लोकसभा सीटों के लिए होना है मतदान

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दिल्ली में चढ़ा सियासी पाराः आरएसएस के संगठन ने पहले ही दिन दी इफ्तार पार्टी, रमजान के बहाने वोटों पर नजर

नई दिल्ली।लोकसभा चुनाव का दौर चल रहा है ऐसे में जाहिर ने राजनीतिक दल हर धर्म और जाति के लोगों को लुभाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ना चाहते है। कुछ ऐसी ही कोशिश देश की राजधानी दिल्ली में भी देखने को मिली जहां रमजान महीने के पहले ही दिन इफ्तार पार्टी के दीदार हो गए। जी हां वैसे तो राजनीतिक दलों के बीच इफ्तार पार्टी का चलन नया नहीं है, पहले भी पार्टियां वोट बैंक के लिए इस तरह के आयोजन करती रही हैं।

लेकिन इस बार अगर कुछ खास है तो वो ये कि महीना शुरू होने के पहले ही दिन इफ्तार पार्टी करवा दी गई है।
अब यहां ये जानना और भी दिलचस्प है कि ये पार्टी और किसी की ओर से नहीं बल्कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संगठन मुस्लिम राष्ट्रीय मंच ने आयोजित की। जी हां मंगलवार को मुस्लिम राष्ट्रीय मंच की ओर से दिल्ली के बटला हाउस में इफ्तार पार्टी का आयोजन किया गया। इस दौरान आरएसएस नेता इंद्रेश कुमार के साथ-साथ मुस्लिम राष्ट्रीय मंच से जु़ड़े नेताओं ने शिरकत की।

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इस वक्त इफ्तार के मायने
इस वक्त राजधानी दिल्ली में इफ्तार पार्टी के काफी मायने हैं। दरअसल यहां पर 12 मई को मतदान होना है। ऐसे में राजनीतिक दलों की कोशिश रहेगी कि मुस्लिम समुदाय को ज्यादा से ज्यादा अपने पक्ष में कर इसे वोट में तब्दील किया जा सके। दिल्ली की सात सीटों के लिए राजनीतिक दलों ने अपने पासे फेंकना शुरू भी कर दिए है। इफ्तार पार्टी भी इस रणनीति का हिस्सा है। मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के राष्ट्रीय सह-संयोजक इमरान चौधरी भी इस बात से इत्तेफाक रखते हैं कि इस वर्ष इफ्तार पार्टी का आयोजन जल्दी किया गया है और इसकी बड़ी वजह चुनाव खास तौर पर 12 मई को होने वाला मतदान प्रमुख है।

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इस बार से सहरी की शुरुआत
राजनीतिक दलों के चुनावी स्टंट में से एक इफ्तार पार्टी को लेकर तो आप जान ही गए हैं कि इस बार समय से पहले इफ्तार पार्टी क्यों की गई है। अपनी मुस्लिम राष्ट्रीय मंच की ओर से मुस्लिम भाईयों के लिए एक और बड़ी पहल की जा रही है। इमरान चौधरी के मुताबिक इस वर्ष से मंच इफ्तार पार्टी के साथ-साथ सहरी का भी आयोजन करने जा रहा है। आपको बता दें कि सुबह सूरज निकलने से पहले सहरी का समय होता है। इस दौरान लोग खाते-पीते हैं, इसके बाद सुबह फज्र की अजान के साथ रोजा शुरू होता है और सूरज ढलने के बाद मगरिब की अजान होने पर खोला जाता है।


एकजुट करना मकसद
इमरान चौधरी के मुताबिक भले ही इफ्तार की पार्टी को चुनावी स्टंट से जोड़ा जाए लेकिन उनका मकसद सभी समाज को एकजुट करना है। आपस में सौहार्द बढ़ाना है। यही वजह है कि दस वर्ष से ज्यादा से मुस्लिम राष्ट्रीय मंच रमजान महीने में इफ्तार पार्टी का आयोजन करता है।