
नई दिल्ली। पाकिस्तान स्थित गुरुनानक देव के जन्मस्थान ननकाना साहिब गुरुद्वारे पर श्रद्धालुओं के ऊपर की गई पत्थरबाजी के बाद विरोध प्रदर्शन और बयानबाजी का दौर शुरू हो चुका है। इस बीच शनिवार को राजधानी दिल्ली से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सांसद मीनाक्षी लेखी ने कांग्रेस नेता और पूर्व क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्धू पर निशाना साधा।
मीनाक्षी लेखी ने गुरुद्वारे पर की गई पत्थरबाजी के बाद नवजोत सिंह सिद्धू की खामोशी पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा अगर इस घटना के बाद भी वह (सिद्धू) 'आईएसआई प्रमुख' को गले लगाना चाहते हैं, तो कांग्रेस को इसे देखना चाहिए।
शनिवार को राजधानी में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान लेखी ने कहा, "अब तक मैंने कांग्रेस की तरफ से इस मामले पर कुछ भी नहीं सुना है। मुझे नहीं पता कि 'सिद्धू पाजी' कहां भाग गए है? अगर वह इन सबके बावजूद, आईएसआई चीफ को गले लगाना चाहते हैं, तो कांग्रेस को इस मामले में देखना चाहिए।"
इससे पहले राहुल गांधी ने भी इस मामले पर ट्वीट कर कहा था, "ननकाना साहिब पर हमला निंदनीय है और इसकी स्पष्ट रूप से निंदा की जानी चाहिए। कट्टरता एक खतरनाक, पुराना जहर है, जो कोई सीमा नहीं जानता है। प्यार, आपसी सम्मान, समझ इसका एकमात्र ज्ञात प्रतिकार है।"
बता दें यह टिप्पणी गुरुद्वारे पर एक मुस्लिम भीड़ द्वारा हमला किए जाने के एक दिन बाद आई है। हमले में सिख श्रद्धालु गुरुद्वारे के अंदर फंस गए थे।
इस संबंध में सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में दिख रहा था कि अल्पसंख्यक समुदाय के खिलाफ सांप्रदायिक और घृणित नारे लगाए गए हैं और धर्मस्थल पर पथराव किया गया है।
पाकिस्तानी सूत्रों ने कहा कि भीड़ की अगुवाई मोहम्मद हसन के परिवार ने की थी, जिसने एक सिख लड़की जगजीत कौर का अपहरण किया था और उसका धर्मांतरण किया था। हसन के परिवार ने उसके खिलाफ पुलिस कार्रवाई के विरोध में ऐसा किया।
ननकाना साहिब पर हमला 1955 के पंत-मिर्जा समझौते का उल्लंघन है, जिसके तहत भारत और पाकिस्तान यह सुनिश्चित करने को लेकर हर संभव प्रयास करने के लिए बाध्य हैं कि धार्मिक स्थलों, जिनका उनके देशों के सदस्यों द्वारा दौरा किया जाता है, उनका उचित रखरखाव किया जाएगा और उनकी पवित्रता संरक्षित रहेगी।
Updated on:
05 Jan 2020 09:55 am
Published on:
04 Jan 2020 07:50 pm

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