
निर्मला सीतारमण: पूर्व सैन्य अधिकारियों के इनकार से राष्ट्रपति को लिखी चिट्ठी की विश्वसनीयता को लगा बट्टा
नई दिल्ली।लोकसभा चुनाव के दौरान पूर्व सैन्य अधिकारियों की ओर से राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को लिखी चिट्ठी को लेकर उठा विवाद थमता नजर नहीं आ रहा है। एक मीडिया एजेंसी से बातचीत में रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस मुद्दे पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि राष्ट्रपति को सेना के राजनीतिक इस्तेमाल को लेकर लिखी चिट्टी पर कुछ सैन्य अधिकारियों ने हस्ताक्षर करने की बात से इनकार कर दिया है। इससे सर्वोच्च कमांडर को लिखी चिट्ठी की विश्वनीयता पर ही सवाल उठ खड़ा हुआ है।
सर्वोच्च कमांडर से मिलने पर विवाद नहीं
उन्होंने कहा कि इस बात पर कोई विवाद नहीं है कि सेना के पूर्व सैन्य अधिकारियों ने राष्ट्रपति को चिट्ठी क्यों लिखी या उनसे क्यों मिले। नियमों के दायरे में रहकर कोई भी सैन्य अधिकारी सेना के सर्वोच्च कमांडर (राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद) से मिल सकता है। अहम सवाल यह है कि लोकसभा चुनाव के दौरान इस मुद्दे को उठाकर सेना का राजनीतिक इस्तेमाल किया गया है। लेकिन राष्ट्रपति को लिखी चिट्ठी की विश्वसनीयता को उस समय बट्टा लगा जब कुछ पूर्व सैन्य अधिकारियों ने ही उस पर खुद के हस्ताक्षर होने से इनकार कर दिया। इससे 156 सैन्य अधिकारियों की अपील की विश्वसनीयता ही समाप्त हो गई है।
राजनेताओं को दी नसीहत
रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमन ने माहिलाओं के खिलाफ अमर्यादित बयान देने वाले कुछ बड़बोले और बदजुबान राजनेताओं को नसीहत भी दी है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के खिलाफ बोलने से पहले नेताओं को सोचना चाहिए। उन्होंने महिलाओं के खिलाफ अपमानजनक भाषणों पर ऐतराज जताते हुए कहा कि हमें एक दूसरे का सम्मान करना होगा। भाषा के इस्तेमाल को लेकर कहीं न कहीं एक रेखा खींचनी होगी। अगर राजनेता इसी तरह महिलाओं के खिलाफ बोलते रहे तो हमें इस बात पर भी सोचना होगा कि क्या हम यही विरासत आगे की पीढ़ी के लिए छोड़कर जाएंगे?
मोदी को घेरने वाला है पाक पीएम का बयान
पाक पीएम इमरान खान द्वारा लोकसभा चुनाव में पीएम मोदी की जीत संभावनाओं को लेकर जारी बयान पर कहा कि ये बयान प्रायोजित लगता है। उन्होंने यह बयान अपने मन से नहीं नहीं दिया है। मोदी विरोधी भारतीय नेताओं के सुझाव पर उन्होंने कहा है कि अगर मोदी चुनाव जीतते हैं तो भारत और पाक के संबंधों में सुधार आएगा। इस तरह का बयान लोकसभा चुनाव के दौरान मोदी की विश्वसनीयता पर सवाल उठाने के मकसद से जारी कराया गया है।
156 सैन्य अधिकारियों के हस्ताक्षर का दावा
आपको बता दें कि हाल ही में सेना के राजनीतिक इस्तेमाल को लेकर पूर्व सैन्य अधिकारियों ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को चिट्ठी लिखी थी। इस चिट्ठी पर तीन पूर्व सेना प्रमुख समेत 156 पूर्व सैन्य अधिकारियों के हस्ताक्षर होने का दावा किया गया था। लेकिन चिट्ठी की बात मीडिया में आने के बाद पूर्व सेना प्रमुख जनरल एसएफ रॉड्रिग्स और पूर्व एयर चीफ मार्शल एनसी सूरी ने लिखित तौर पर कहा है कि उन्होंने ऐसे किसी कागजात पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं। न ही वो चिट्ठी में लिखे मजमून से सहमत हैं। दूसरी तरफ पूर्व मेजर जनरल हर्ष कक्कड़ और पूर्व सेना प्रमुख जनरल शंकर राय चौधरी ने खत लिखे जाने की बात स्वीकारी है।
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Updated on:
17 Apr 2019 11:44 am
Published on:
17 Apr 2019 10:06 am

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