
अविश्वास प्रस्ताव: संख्या बल के लिहाज से मोदी सरकार आसानी से कर लेगी अग्निपरीक्षा पास
नई दिल्ली।लोकसभा में कल अविश्वास प्रस्ताव पर बहस के बाद मतदान होगा। यानी पीएम मोदी शुक्रवार को लोकसभा में अग्निपरीक्षा से गुजरेंगे। इस परीक्षा को पास करने के लिए उन्हें कल अविश्वास प्रस्ताव के खिलाफ विश्वास मत हासिल करना होगा। जीत को लेकर सत्ताधारी गठबंधन और विपक्षी एकता के अपने अपने दावे हैं। यानी संख्या बल को लेकर खींचतान जारी है लेकिन ये बात साफ है कि मोदी सरकार कल लोकसभा में आसानी से विश्वासमत हासिल कर लेगी।
मौजूदा वक्त में लोकसभा में 543 में से 535 सासंद निर्वाचित हैं। ऐसे में भाजपा को बहुमत हासिल करने के लिए महज 268 सांसद का समर्थन चाहिए होगा, जिसे मोदी सरकार आसानी से हासिल कर लेगी। भाजपा के पास खुद के 272 सांसद हैं। इसके बावजूद राजनीति कब क्या करवट ले, कहा नहीं जा सकता। ऐसा इसलिए कि इस अविश्वास प्रस्ताव में कुछ सियासी दांवपेच भी छिपे हैं।
मैजिक नंबर भाजपा के पास
वर्तमान में भाजपा के पास बहुमत के लिए 272 सीटें है। पार्टी के बागी नेताओं में शत्रुघ्न सिंहा और कीर्ति आजाद को एनडीए से बाहर भी कर दें, तब भी भाजपा के पास 270 सीटें हैं, जो कि बहुमत के आंकड़े से दो ज्यादा है, जबकि भाजपा के सहयोगी सांसदों की संख्या 12 है। यानी सरकार गिरने की कोई संभावना नहीं है। भाजपा के पास सहयोगी दलों में शिवसेना के 18, एलजेपी के 6, अकाली दल के 4 और अन्य के 9 सदस्यों का समर्थन हासिल है। गुरुवार को एआईएडीएमके ने मोदी सरकार को समर्थन देने की घोषणा कर दी है। एआईएडीएमके के पा 37 सांसद हैं।
अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में
टीडीपी के अविश्वास प्रस्ताव को विपक्ष के सासंदों का समर्थन हासिल हैं। अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन करने वाले दलों में कांग्रेस , सपा, बसपा, आरजेडी, एनसीपी, झारखंड मुक्ति मोर्चा, नेशनल कांफ्रेंस, सोशलिस्ट जनता, इंडियन यूनियन मुस्लिम,केरल कांग्रेस, टीएमसी, वाम दल और में तेलुगु देशम पार्टी शामिल है। टीएमसी और टीडीपी ने अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में वोट डालने के लिए व्हिप जारी कर दिया है। आम आदमी पार्टी ने टीडीपी को समर्थन देने की घोषणा की है। आपको बता दें कि टीडीपी के एक सांसद जेसी दिवाकर रेड्डी ने मतदान में शामिल नहीं होने की घोषणा की है।
विपक्ष में
अविश्वास प्रस्ताव के विरोध में सत्ताधारी भाजपा, शिवसेना, डीएमडीके, अकाली दल, एमडीएमके, लोक जनशक्ति पार्टी, राष्ट्रीय लोक समता पार्टी, अपना दल, रिपब्लिक पार्टी ऑफ इंडिया, नेशनल पीपल्स पार्टी शामिल है। बीजेउी ने अभी तय नहीं किया है कि उसे मोदी सरकार के पक्ष में मतदान करना है या विपक्ष में।
लोकसभा में संख्या बल का संतुलन
लोकसभा में निर्वाचित सदस्यों की संख्या - 543
बहुमत के लिए जरूरी सख्या - 272
वर्तमान में निर्वाचित लोकसभा सदस्यों की संख्या - 535
विश्वास मत हासिल करने के लिए जरूरी संख्या - 268
Published on:
19 Jul 2018 02:07 pm
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