
PM मोदी के 'One Nation-One Election' पर विपक्ष का अंतिम फैसला कल, कर सकता है विरोध
नई दिल्ली। 17वीं लोकसभा के पहले सत्र का मंगलवार को दूसरा दिन था। मंगलवार को यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी ( UPA Chair Person Sonia Gandhi ) समेत कई बड़े नेताओं ने सांसद के तौर पर शपथ लिया। लोकसभा में शपथ ग्रहण करने के बाद सोनिया गांधी पूरे एक्शन में हैं। मोदी सरकार को संसद में घेरने के लिए विपक्ष ने अभी से रणनीति बनानी शुरू कर दी है। इसे लेकर मंगलवार को संसद भवन में विपक्ष की मीटिंग हुई।
बैठक में यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी , नेता अधीर रंजन चौधरी समेत दूसरी पार्टी के कई बड़े नेता मौजूद रहें। बता दें कि इन नेताओं में CPI नेता डी राजा, नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता फारूक अब्दुल्ला , DMK नेता कनिमोझी, टीआर बालू, NCP सांसद सुप्रिया सुले शामिल थे। इस दौरान सोनिया गांधी ने करीब 10 विपक्षी नेताओं के साथ मुलाकात की।
बैठक में यह तय किया गया कि पीएम नरेंद्र मोदी की ओर से बुधवार को 'वन नेशन वन इलेक्शन'को लेकर बुलाई गई मीटिंग में पार्टी के अध्यक्ष जाएंगे या नहीं, इस मुद्दे पर कल एक और बैठक की जाएगी। बता दें कि सभी विपक्षी पार्टियां 'वन नेशन वन इलेक्शन' ( One Nation-One election )पर सहमत नहीं है। उनका मानना है कि यह ठीक नहीं। विपक्ष के कुछ नेताओं कहना है कि इस तरह की बातें देश को बांटने वाली है।
पीएम मोदी ने 19 जून को सभी राजनीतिक दलों के अध्यक्षों को बैठक ( meeting of Presidents of all political parties ) बुलाई है। बैठक में प्रधानमंत्री मोदी 'एक देश एक चुनाव' और 'महात्मा गांधी की 150वीं जयंती' सहित कई अहम मुद्दों पर चर्चा करना चाहते हैं। इसके अलावा 20 जून को पीएम ने लोकसभा और राज्यसभा सांसदों की बैठक भी बुलाई है।
Updated on:
18 Jun 2019 11:58 pm
Published on:
18 Jun 2019 09:35 pm
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