
संघ पर ओवैसी का सीधा हमला, बोले-सुप्रीम कोर्ट हिंदूओं की भावना पर फैसला नहीं देता
नई दिल्ली। एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ पर हमला बोला है। इस बार ओवैसी ने राम मंदिर को लेकर संघ की टिप्पणी को लेकर निशाना साधा है। दरअसल संघ के भैयाजी ने शुक्रवार को प्रेसवार्ता के जरिये राम मंदिर को लेकर एक विवादित बयान दे डाला। भैयाजी ने कहा कि राम मंदिर का मामले पिछले लंबे समय से अटका हुआ है, अगले साल सुप्रीम कोर्ट इस पर फैसला देने वाला है ऐसे में हमें उम्मीद है सर्वोच्च न्यायालय हिंदुओं की भावना का ध्यान रखते हुए अपना फैसला देगा।
यही नहीं भैया जी ने कहा कि कोर्ट से अपेक्षा भी काफी लंबी हो चुकी हैं, मामले को सुप्रीम कोर्ट में भी 7 साल हो चुके हैं। संघ के इसी बयान के बाद एमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने संघ पर तीखा हमला बोला। ओवैसी ने कहा सुप्रीम कोर्ट जनता के लिए और जनता की भावनाओं का ध्यान रखकर न्यायोचित फैसला सुनाता है ना कि हिंदू या किसी अन्य धर्म के लोगों की भावना को ध्यान में रखकर।
ओवैसी ने कहा कि कोर्ट खास तौर पर सर्वोच्च न्यायाल को लेकर इस तरह का बयान देना गलत है। जो मामला कोर्ट में निलंबित हो उसको लेकर इस तरह के बयान लोगों में कोर्ट के प्रति भावनाओं को भी आहत कर सकते हैं। कोर्ट कभी किसी धर्म से प्रेरित होकर फैसले नहीं सुनाता, ऐसे में संघ ने कोर्ट के हिंदुओं के प्रति प्रेरित करने का प्रयास किया है।
जरूरत पड़ी तो 1992 की तरह फिर करेंगे आंदोलन
आपको बता दें कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाहक भैयाजी जोशी ने शुक्रवार को कहा कि जरुरत पड़े तो फिर से 1992 की तरह राम मंदिर के लिए आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राम मंदिर को लेकर इंतजार काफी लंबा हो गया है। उन्होंने कहा कि राम मंदिर को लेकर 30 साल से आंदोलन चल रहा है और कोर्ट को हिन्दुओं की भावनाओं को ख्याल रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमें भरोसा है कि आगे कोर्ट हिन्दुओं को भावनाओं को ध्यान रखेगा।
दरअसल भैयाजी का बयान भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और संघ प्रमुख मोहन भागवत की गुरुवार रात 2 बजे हुई मुलाकात के बाद आया है। ऐसे में ये अटकलें लगाई जा रही हैं कि शायद इस बैठक में राम मंदिर को लेकर कुछ खास बातचीत हुई है जो आगामी चुनाव तक संघ और भाजपा के एजेंडे में शामिल रहेगी।
Published on:
02 Nov 2018 02:53 pm

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