ओवैसी ने की CEC ओपी रावत से मुलाकात, रखी तेलंगाना में जल्द चुनाव कराने की मांग

ओवैसी ने की CEC ओपी रावत से मुलाकात, रखी तेलंगाना में जल्द चुनाव कराने की मांग

Dhirendra Kumar Mishra | Publish: Sep, 12 2018 10:05:10 AM (IST) राजनीति

पिछले सप्‍ताह तेलंगाना के सीएम के चंद्रशेखर राव ने राज्‍यपाल से मिलकर विधानसभा को भंग करने का सुझाव दिया था।

नई दिल्‍ली। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहाद-उल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने मुख्‍य चुनाव आयुक्‍त से मुलाकात कर तेलंगाना में जल्‍द चुनाव कराने की मांग की है। उन्‍होंने चुनाव आयोग से कहा कि विधानसभा चुनाव को आगे के लिए टालना मुनासिब नहीं होगा। इस बात की जानकारी एआईएमआईएम प्रमुख ने मीडिया से बातचीत में साझा की।

प्रदेश हित में जल्‍द चुनाव कराने का दिया सुझाव
मुख्‍य चुनाव आयुक्‍त ओपी रावत से मुलाकात के दौरान उन्‍होंने कहा कि तेंलगाना में स्थायी सरकार विकास के लिए जरूरी है। फिर विधानसभा चुनाव को आगे के लिए टालने का कोई तुक नहीं बनता है। इसलिए उन्‍होंने जल्‍द चुनाव कराने की मांग रखी है। ओवैसी ने आशा जताई है कि चुनाव आयोग उनकी सुझावों पर अमल करते हुए जल्द चुनाव कराएगा।

सात प्रत्‍याशी की सूची जारी
इससे पहले एआईएमआईएम ने तेलंगाना में होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव के लिए सात प्रत्याशियों की अपनी पहली सूची मंगलवार को जारी कर दी। एआईएमआईएम से मिली जानकारी के मुताबिक ओवैसी के छोटे भाई अकबरूद्दीन आवैसी हैदराबाद में चंद्रयानगुट्टा विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ेंगे। पार्टी की तरफ से घोषित अन्‍य प्रत्‍याशियों में सैयद अहमद पाशा कादरी (याकूतपुरा), मुमताज अहमद खान (चारमीनार), मोहम्मद मोअजम खान (बहादुरपुरा), अहमद बिन अब्दुल्ला बलाला (मलकपेट), जफर हुसैन मेराज (नामपल्ली) और कौसर मोइनुद्दीन (कारवां) शामिल हैं। एआईएमआईएम के भंग विधानसभा में सात विधायक थे।

चुनाव आयोग ने तैयारी शुरू की
आपको बता दें कि पिछले सप्‍ताह तेलंगाना के सीएम के चंद्रशेखर राव ने राज्‍यपाल से मिलकर विधानसभा को भंग करने का सुझाव दिया था। इसके साथ ही उन्‍होंने विधानसभा चुनाव जल्‍द कराने की भी मांग की थी। बताया जा रहा है कि केसीआर ने राज्‍यपाल से मुलाकात से पहले कैबिनेट में इस प्रस्‍ताव को पास करा लिया था। इस संदर्भ में उनकी मुलाकात पीएम मोदी और भाजपा के वरिष्‍ठ नेताओं से भी हुई थी। भाजपा भी प्रदेश में जल्‍द चुनाव का पक्षधर है। विधानसभा भंग होने के बाद से सीईसी ने चुनाव कराने की संभावनाओं पर विचार करना शुरू कर दिया है।

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