
नई दिल्ली। चार साल बाद ही सही असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम ने बिहार में अपना खाता खोल लिया। विधानसभा उपचुनाव में किशनगंज सीट से एआईएमआईएम नेता कमरुल होदा ने एआईएमआईएम को जीत का खाता खोल ओवैसी को दिवाली का गिफ्ट भेंट किया।
बता दें कि ओवैसी 2015 के विधानसभा चुनाव से लगातार बिहार में सेंध लगाने की कोशिश में लगे थे। आखिरकार विधानसभा के उपचुनाव में किशनगंज सीट से आईएमआईएम का खाता खुल ही गया। ओवैसी की पार्टी ने 2015 के विधानसभा चुनाव में सीमांचल की 6 सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़े किए थे, लेकिन कोई खास सफलता नहीं मिली।
कांग्रेस को तीसरे नंबर पर धकेला
2019 के लोकसभा चुनाव में किशनगंज में पार्टी ने अपनी ताकत जरूर दिखाई। कई बार ओवैसी के उम्मीदवार अख्तरूल इमाम गिनती में आगे रहे लेकिन अंत में तीसरे नम्बर पर संतोष करना पड़ा। उस चुनाव में कांग्रेस को एक मात्र सीट किशनगंज की मिली थी। लेकिन इस बार कांग्रेस को तीसरे नंबर पर धकेल कर ओवैसी की पार्टी जीती हैं।
बीजेपी प्रत्याशी स्वीटी सिंह को हराया
किशनगंज विधानसभा उपचुनाव में एआईएमआईएम उम्मीदवार कमरुल ने बीजेपी उम्मीदवार स्वीटी सिंह को 10,211 मतों के अंतर से हराकर चुनाव जीता। कांग्रेस तीसरे नंबर पर रही।
बिहार में सभी सीटों पर चुनाव लड़ेगी एआईएमआईएम
जीत से उत्साहित पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल इमान ने दस महीनों बाद होने वाले बिहार विधानसभा चुनाव में सभी सीटों पर चुनाव लड़ने की घोषणा कर दी। किशनगंज कांग्रेस की परंपरागत सीट रही है। 2009 से अब तक हर विधानसभा और लोकसभा चुनाव में कांग्रेस भारी मतों से चुनाव जीतती आई थी।
Updated on:
25 Oct 2019 11:18 am
Published on:
25 Oct 2019 08:10 am
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