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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ये सपना आज तक नहीं हुआ पूरा, जानिए क्यों ?

पीएम मोदी के जीवन का सफर काफी जद्दोजहद भरा रहा है। बावजूद इसके उन्होंने हर बाधाओं को मुस्कुराकर पार किया।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ये सपना आज तक नहीं हुआ पूरा, जानिए क्यों ?

नई दिल्ली: देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज अपना 68वां जन्‍मदिन मना रहे हैं। बेहद ही सामान्य परिवार से आने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने कई चुनौतियां आई लेकिन वह कभी इससे घबराए नहीं बल्कि डटकर इसका सामना किया। उनके जीवन का सफर काफी जद्दोजहद भरा रहा है। जीवन में कई उतार चढ़ाव आए, फिर भी नरेंद्र मोदी ने सभी बाधाओं को हंसकर पार किया। पीएम मोदी बचपन में देश की सेवा के लिए सेना में जाना चाहते थे लेकिन वह सपना उनका पूरा नहीं हो सका। आइए आज हम उनके जीवन से जुड़ी कुछ ऐसी बातों को जानें तो काफी रोचक और प्रेरणादायी है।

माता-पिता की तीसरी संतान हैं मोदी

नरेंद्र मोदी का जन्म 17 सितंबर, 1950 को वडनगर में एक साधारण गरीब परिवार में हुआ। पिता दामोदरदास मूलचंद मोदी और मां हीराबेन मोदी की तीसरी संतान है। मोदी अपने 5 भाई-बहनों के साथ छोटे से घर में रहते थे। मोदी का बचपन काफी संघर्ष में बीता।

सैनिक स्‍कूल में पढ़ना चाह‍ते थे मोदी

पीएम मोदी बचपन से ही देश सेवा के लिए तत्पर थे। उनका ख्‍वाब भारतीय सेना में जाकर देश की सेवा करने का था। वह अपने घर से नजदीक जामनगर के सैन्‍य स्‍कूल में दाखिला लेना चाहते थे, लेकिन स्‍कूल की फीस भरने के लिए उनके पास पैसे नहीं थे। पिता के पास पैसे नहीं होने से वह दाखिला नहीं ले पाएं। हालांकि नियती को कुछ और ही मंजूर थी और नरेंद्र मोदी आज देश के प्रधानमंत्री हैं।

स्टेशन पर बेची चाय

पीएम मोदी पैसे के अभाव में सैन्य स्कूल में दाखिला नहीं ले पाए फिर वह वडनगर रेलवे स्टेशन पर चाय बेचने लगे। बताया जाता है कि चाय बेचकर उन्होंने अपनी पढ़ाई का खर्च निकाला।

कोर्स की पढ़ाई में नहीं लगता था मन

पीएम मोदी कोर्स की पढ़ाई में ज्यादा ध्यान नहीं लगा पाते थे। वह महापुरुषों की की जीवनी और उपन्यास पढ़ने में ज्यादा रुचि रखते थे। बचपन में ही उनकी बातें लोगों को प्रभावित करने लगी थीं। मोदी घंटों स्‍कूल की लाइब्रेरी किताबें पढ़ने में बिता दिया करते थे।

1973 में आंदोलन का हिस्सा बने मोदी

1973 में मोदी ने नवनिर्माण आंदोलन में हिस्‍सा लिया। इस आंदोलन ने कांग्रेस की सरकार गिराने में अहम भूमिका निभाई। इसी आंदोलन में उन्‍हें जयप्रकाश नारायण के करीब आने का मौका मिला। जेपी उन दिनों भ्रष्‍टाचार के खिलाफ आंदोलन चला रहे थे।

फिल्‍में नहीं देखते पर देवानंद को करते हैं पसंद

पीएम मोदी फिल्म नहीं देखते । इसके पीछे समय का अभाव है। लेकिन उनके पसंदीदा हीरो देवानंद हैं। देवानंद को वह काफी पसंद करते हैं।