पीएम मोदी के साथ कश्मीरी नेताओं की सबसे बड़ी बैठक कुछ देर में होगी शुरू, 8 दल के 14 नेता मीटिंग के लिए रवाना

पीएम मोदी की अगुवाई में गुरुवार को जम्मू-कश्मीर को लेकर बैठक 3 बजे शुरू होगी। इसमें 8 दल के 14 नेता शामिल होंगे। इससे पहले एक तरफ कश्मीरी पंड़ितों ने बैठक के विरोध में प्रदर्शन किया तो वहीं दूसरी तरफ पीडीपी चीफ महबूबा मुफ्ती के पाकिस्तान प्रेम को लेकर भी जमकर प्रदर्शन हुआ।

By: धीरज शर्मा

Updated: 24 Jun 2021, 02:47 PM IST

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ( PM Narendra Modi ) की अगुवाई में आज जम्मू-कश्मीर ( Jammu Kashmir ) को लेकर सबसे बड़ी बैठक हो रही है। इसमें विभिन्न 8 राजनीतिक दलों के 14 नेता शामिल होंगे। इस बीच जम्मू-कश्मीर और एलओसी पर 48 घंटे का अलर्ट जारी किया गया। पीएम मोदी के मिशन कश्मीर पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं। माना जा रहा है कि इस बैठक के बाद कुछ अहम फैसले सामने आ सकते हैं।

मिली जानकारी के मुताबिक बैठक की शुरुआत एक रिफ्रेशमेंट के साथ होगी। इसके बाद फोटो सेशन होगा। इसके बाद 3 बजकर 10 मिनट पर पीएम मोदी मीटिंग में पहुंचेंगे। शुरुआत में जितेंद्र सिंह मीटिंग को लेकर एक ब्रीफ देंगे और उसके बाद सभी दलों की बातें सुनी जाएंगी।

बताया जा रहा है कि सबसे पहले नेशनल कॉन्फ्रेंस प्रमुख फारूख अब्दुल्ला को बोलने का मौका दिया जाएगा। ये मौका उनकी वरिष्ठता के आधार पर दिया जाएगा। वहीं सरकार की ओर से अमित शाह अपनी बात रखेंगे।

यह भी पढ़ेंः पीएम मोदी और जम्मू-कश्मीर के नेताओं के बीच बैठक आज, इन मुद्दों पर हो सकती है चर्चा

इस बीच बैठक से ठीक पहले दिल्ली स्थिति गुलाम नबी आजाद के निवास पर कश्मीर के नेताओं की मीटिंग हुई। बैठक में पार्टी के रुख को लेकर चर्चा हुई। हालांकि कांग्रेस नेताओं ने चर्चा को लेकर ज्यादा कुछ साफ नहीं किया।

जम्मू-कश्मीर कांग्रेस अध्यक्ष गुलाम अहमद मीर ने कहा- दुर्भाग्य से (प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक) के लिए कोई एजेंडा नहीं है। हमें बताया गया है कि यह खुली और मुक्त बहस होगी। गुलाम नबी आजाद, मैं और तारा चंद बैठक में शामिल होंगे।

वहीं अमित शाह भी प्रधानमंत्री आवास पर पहुंचे हैं। माना जा रहा है कि पीएम और शाह के बीच मीटिंग एजेंडे को लेकर अहम बातचीत हो सकती है। सूत्रों की मानें तो बैठक को लीड भी अमित शाह कर सकते हैं, क्योंकि केंद्र शासित प्रदेश सीधे गृहमंत्रालय के अंतर्गत आते हैं।

पीएम मोदी की बैठक के खिलाफ कश्मीरी पंड़ितों का प्रदर्शन

पीएम मोदी की ऑल पार्टी मीटिंग से पहले कश्मीरी पंडित हो गए हैं। कश्मीरी पंडितों के संगठन ऑल इंडिया यूथ कश्मीरी समाज के कार्यकर्ताओं ने जम्मू में इस बैठक के खिलाफ प्रदर्शन किया और जमकर नारेबाजी की।

कश्मीरी पंडितों का आरोप है कि पिछले तीन दशकों से जम्मू कश्मीर के विभिन्न राजनीतिक दलों ने उनका तिरस्कार किया है और उन्हें सियासी मोहरे के रूप में इस्तेमाल किया है।

इससे पहले जेपी नड्डा की अगुवाई में बीजेपी मुख्यालय पर बीजेपी नेताओं की बातचीत हुई। इस बैठक में रवींद्र रैना, कविंद्र गुप्ता समेत कश्मीर के तमाम बीजेपी नेता मौजूद रहे।

पाकिस्तान की वकालत से बढ़ी मुश्किल
पीएम मोदी के साथ होने वाली सर्वदलीय बैठक से पहले जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन हो रहा है। ये प्रदर्शन महबूबा के पाकिस्तान को लेकर दिए गए बयान के खिलाफ हो रहा है।

दरअसल महबूबा मुफ्ती ने 22 जून को गुपकर एलायंस की बैठक के बाद कहा था कि सरकार को कश्मीर मुद्दे पर पाकिस्तान से बात करनी चाहिए।

डोगरा फ्रंट ने जम्मू में पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की प्रमुख महबूबा मुफ्ती के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। एक प्रदर्शनकारी का कहना है, "यह विरोध मुफ्ती के उस बयान के खिलाफ है जो उन्होंने गुपकर की बैठक के बाद दिया था कि पाकिस्तान कश्मीर मुद्दे में एक हितधारक है। उन्हें सलाखों के पीछे डाल दिया जाना चाहिए।
मुफ्ती को तिहाड़ जेल में डाले जाने की तस्वीरों को लेकर प्रदर्शनकारी हाय-हाय के नारे लगाते रहे।

बीजेपी हेडक्वार्टर पर नड्डा के साथ नेताओं की बैठक
पीएम मोदी के साथ बैठक से पहले जम्मू-कश्मीर के तमाम बीजेपी नेताओं के साथ भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा मीटिंग कर रहे हैं। इसके लिए कविंद्र गुप्ता, रवींद्र रैना समेत कई नेता बीजेपी मुख्यालय पहुंच गए हैं। बताया जा रहा है कि इस मीटिंग में बीजेपी के रुख को लेकर चर्चा होगी।

370 के मुद्दे को अलग रखना चाहिएः अजमेर दीवान
अजमेर दरगाह के दीवान सैयद जैनुल आबेदीन अली खान ने जम्मू कश्मीर के सभी राजनीतिक नेताओं से अनुच्छेद 370 के मुद्दे को अलग रखने की बात कही है। इसके साथ ही उन्होंने केंद्र शासित प्रदेश के विकास के लिए केंद्र के साथ काम करने का आह्वान भी किया है।

खान की यह टिप्पणी अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधान खत्म करने के बाद जम्मू कश्मीर पर पहली सर्वदलीय बैठक से एक दिन पहले आई है।

कांग्रेस के 3 नेता बैठक में लेंगे हिस्सा
पीएम मोदी के साथ बैठक से पहले कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि 'हम सर्वदलीय बैठक में हीं अपना रूख रखेंगे जब बैठक में हमारे सामने एजेंडा रखा जाएगा। क्योंकि अभी तक हममें से किसी को कोई एजेंडा नहीं दिया गया है। उन्होंने बताया कि उनके अलावा कांग्रेस से गुलाम अहमद मीर और ताराचंद भी इस बैठक में शामिल होंगे।

यह भी पढ़ेंः प्रधानमंत्री की बैठक से पहले यह जानना जरूरी, जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा वापस मिलने में अभी लगेगा लंबा वक्त

बीजेपी का ये रुख
पूर्व डिप्टी सीएम और बीजेपी नेता कविंद्र गुप्ता ने कहा, पीएम मोदी की इस पहल का स्वागत करते हैं। चर्चा के बाद जम्मू-कश्मीर में नई परिस्थितियां बनेंगी। हम चाहते हैं कि जो परिसीमन हो उसमें जम्मू और कश्मीर दोनों के साथ इंसाफ हो।

बहाल हो राज्य का दर्जा

जम्मू और कश्मीर नेशनल पैंथर्स पार्टी के अध्यक्ष भीम सिंह भी पहुंचे दिल्ली। उन्होंने कहा 'मैं  यहां हूं क्योंकि मुझे आमंत्रित किया गया है (प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में शामिल होने के लिए)। जम्मू और कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल किया जाना चाहिए। 

फारूख दिल्ली रवाना

इससे पहले नेशन कॉन्फ्रेंस प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री फारूख अब्दुल्लाह भी पीएम मोदी के साथ होने वाली सर्वदलीय बैठक में हिस्सा लेने के लिए दिल्ली रवाना हुए।

धीरज शर्मा
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned