
congress JDS Alliance
बेंगलुरु। कर्नाटक में सरकार बनाने की लड़ाई आखिरकार जेडीएस-कांग्रेस के गठबंधन ने जीत ली है। राज्य में जेडीएस के नेतृत्व और कांग्रेस के गठबंधन वाली सरकार कुछ ही दिनों में सत्ता संभालेगी। हालांकि इसको लेकर आखिरी फैसला कुमारस्वामी की सोनिया गांधी और राहुल गांधी से होने वाली मीटिंग के बाद ही संभव है। वहीं अब राज्य में कैबिनेट की भी चर्चाएं तेज हो गई हैं कि कैबिनेट में किन-किन चेहरों को और किस पार्टी को कितने मंत्रीपद दिए जाएंगे। हालांकि अभी इनकी कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है, लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स में जरूर संभावित चेहरों पर चर्चाएं हो रही हैं।
ये है कर्नाटक की संभावित कैबिनेट
- मीडिया रिपोर्ट्स में जिन चेहरों को लेकर चर्चाएं हो रही हैं, उनमें सबसे पहला नाम है जेडीएस अध्यक्ष कुमारस्वामी का, जिनके लिए कहा जा रहा है कि वो वित्त मंत्रालय को अपने पास रख सकते हैं।
- इसके अलावा कांग्रेस के बड़े नेताओं में से एक डी.के शिवकुमार को उर्जा विभाग मिलने के कयास लगाए जा रहे हैं। आपको बता दें कि डी.के शिवकुमार वही चेहरा हैं, जिन्होंने कर्नाटक में कांग्रेस के विधायकों को एकजुट रखा था।
- इसके बाद कांग्रेस के जी. परमेश्वर को उपमुख्यमंत्री पद के साथ-साथ गृह मंत्रालय की भी जिम्मेदारी मिल सकती है।
- महिलाओं में लक्ष्मी हेबलकर का नाम सबसे आगे चल रहा है, जिन्हें महिला कल्याण मंत्रालय मिल सकता है। लक्ष्मी हेबलकर अभी कर्नाटक महिला कांग्रेस की अध्यक्ष हैं।
- इन सबके अलावा मल्लिकार्जुन खड़गे के बेटे प्रियांक खड़गे को विज्ञान और तकनीक मंत्रालय मिल सकता है। पिछली सरकार में जल संसाधन मंत्री एमबी पाटिल इस बार हो सकते खाद्य आपूर्ति मंत्री
कांग्रेस को मिल सकते हैं 18-20 मंत्री
इन सबके बीच कांग्रेस और जेडीएस के बीच अभी कई मुद्दों को लेकर सहमति बनना बाकि है। हालांकि ऐसी अटकलें हैं कि सरकार में कांग्रेस की बड़ी हिस्सेदारी हो सकती है। साथ ही उपमुख्यमंत्री का पद भी कांग्रेस के पास आ सकता है। कहा जा रहा है कि कुमारस्वामी को भी कांग्रेस को उप मुख्यमंत्री का पद देने पर कोई ऐतराज नहीं है। वहीं, कांग्रेस को 18-20 मंत्री पद मिल सकते हैं। यह संख्या जेडीएस के संभावित मंत्रियों से अधिक है। कांग्रेस किसी दलित नेता को उप मुख्यमंत्री बना सकती है। इस दौड़ में वरिष्ठ नेता और कर्नाटक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जी परमेश्वर का नाम सबसे आगे हैं। कई दूसरे नाम भी चर्चा में हैं।
अभी भी कड़े पहरे में विधायक
भाजपा सरकार बनाने की दौड़ में बाहर हो चुकी है। इसके बावजूद कांग्रेस को अपने विधायकों के बागी होने का डर सता रहा है। यही वजह है कि रविवार को भी पार्टी ने अपने विधायकों को घर जाने की इजाजत नहीं दी। सभी विधायकों को बेंगलुरु के नजदीक हिल्टन होटल में रखा गया है।
Published on:
21 May 2018 07:52 pm
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