शरद पवार और प्रशांत किशोर के बीच 3 घंटे की मुलाकात से सियासी हलचल तेज, जानिए क्या बोले पीके

उद्धव की मोदी से मीटिंग के बाद चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर और सियासत के माहिर खिलाड़ी शरद पवार के बीच मुलाकात से चढ़ा सियासी पारा, पीके ने बताई ये वजह

By: धीरज शर्मा

Published: 12 Jun 2021, 01:42 PM IST

नई दिल्ली। महाराष्ट्र ( Maharashtra ) में एक बार फिर सियासी हलचल बढ़ रही है। एक तरफ उद्धव ठाकरे ने पीएम मोदी से मुलाकात की, तो उसके बाद चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ( Prashant Kishore ) की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी प्रमुख शरद पवार ( Sharad Pawar ) से करीब तीन घंट तक बातचीत चली। इस बातचीत ने सियासी गलियारों में सुग बुगाहट बढ़ा दी।

कहा जा रहा है कि 2024 के लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के खिलाफ एक राष्ट्रीय गठबंधन के प्रयास किए जा रहे हैं, हालांकि, पीके ने इन बातों का खंडन किया है। हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनाव में किशोर ने पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ दल तृणमूल कांग्रेस (TMC) और तमिलनाडु में द्रविड़ मुन्नेत्र कझगम (DMK) के लिए रणनीति बनाने का काम किया था। इन दोनों ही दलों ने जीत हासिल की है।

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शरद पवार और पीके के बीच मुलाकात से उन अटकलों को बल मिला कि 2024 में होने वाले अगले आम चुनावों के लिए सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी ( BJP ) के खिलाफ एक राष्ट्रीय गठबंधन बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

ये बोले प्रशांत किशोर
हालांकि प्रशांत किशोर ने इस मिलन को महज निजी मुलाकात बताया है। दरअसल, प्रशांत किशोर शरद पवार की बेटी और बारामती से सांसद सुप्रिया सुले के साथ दक्षिण मुंबई में स्थित पवार के आवास 'सिल्वर ओक' पर सुबह करीब 11 बजे पहुंचे और दोपहर करीब 2 बजे निकले। लेकिन इन दो चाणक्यों की मुलाकात को बीजेपी के खिलाफ क्षेत्रीय दलों के एक तीसरे मोर्चे के गठन की प्रस्तावना माना जा रहा है।

सामान्य समय से अधिक चली मुलाकात
इस मुलाकात को लेकर हलचल इसलिए भी तेज है क्योंकि ये मुलाकात सामान्य समय से ज्यादा देर तक चली। शायद तीन घंटे की मुलाकात में सियासत के चाणक्यों ने एक दूसरे के राजनीतिक और रणनीतिक समझदारी को अपनी-अपनी कसौटी पर परखने की कोशिश की है।

शरद पवार से पहली मुलाकात
पीके की पवार से ये पहली इतनी बड़ी मुलाकात बताई जा रही है। जो बिलकुल एकांत में हुई है। इन दोनों की बातचीत के करीब दो घंटे बाद जयंत पाटिल जरूर सिल्वर ओक यानी पवार के घर पहुंचे थे। बता दें कि इससे पहले वर्ष 2019 में पीके शिव सेना प्रमुख उद्धव ठाकरे से मिल चुके हैं।

एनसीपी के अंदरूनी सूत्रों की मानें तो बैठक में जिन विषयों पर चर्चा हुई उनमें बीजेपी के विकल्प की संभावना भी शामिल थी।

विपक्षी दलों को एक जुट करने की कोशिश
एनसीपी चीफ महाराष्ट्र के साथ-साथ केंद्र की राजनीति में बीजेपी को झटका देने के लिए विपक्ष को एकजुट करने में लगातार जुटे रहे हैं। पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में प्रशांत किशोर की रणनीति ने एक बार फिर उन्हें मंझे हुए खिलाड़ी के तौर पर स्थापित किया है।

यही वजह है कि सियासत के माहिर खिलाड़ी शरद पवार ने पीके के साथ अहम मुलाकात की। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक एक वरिष्ठ एनसीपी नेता ने बताया, 'पवार साहेब बीजेपी के खिलाफ सभी विपक्षी दलों को साथ लाने के लिए काम कर रहे हैं। इस विषय पर चर्चा होना स्वभाविक है।'

पवार ने हाल ही में कहा था कि महाविकास अघाड़ी की सरकार ना केवल पांच साल का कार्यकाल पूरा करेगी, बल्कि लोकसभा और राज्य के विधानसभा चुनाव में भी अच्छा प्रदर्शन करेगी।

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इसलिए भी अहम ये मुलाकात
पवार और पीके के बीच मुलाकात ऐसे समय पर हुई जब संजय राउत पीएम मोदी की तारीफ कर रहे हैं, यही नहीं शिवसेना प्रमुख और सीएम उद्धव ठाकरे दिल्ली जाकर पीएम मोदी से मिल रहे हैं और ये बयान दे रहे हैं कि हम अलग भले ही हों, लेकिन हमारा संबंध अटूट है।

उधर शरद पवार ने भी हाल में बयान दिया था कि महाराष्ट्र विकास अघाड़ी ना सिर्फ पांच कार्यकाल पूरा करेगी, बल्कि लोकसभा में भी बेहतरीन प्रदर्शन करेगी। ऐसे में माना जा रहा है कि महाराष्ट्र में एक होने के बाद भी विकास अघाड़ी के दलों के सुर बदल रहे हैं।

धीरज शर्मा
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