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श्रीश्री रविशंकर की कार्यशाला में सीबीआई के अधिकारियों का शामिल होना प्रशांत भूषण को पसंद नहीं

प्रशांत भूषण ने यहां तक कह दिया कि सीबीआई में जल्द ही ज्योतिषी, तांत्रिक और सपेरे भी नजर आएंगे।

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Dhirendra Kumar Mishra

Nov 11, 2018

ravishankar prashant

श्रीश्री रविशंकर की कार्यशाला में सीबीआई के अधिकारियों का शामिल होना प्रशांत भूषण को पसंद नहीं

नई दिल्ली। केंद्रीय जांच ब्‍यूरो (सीबीआई) के मुख्यालय में आर्ट ऑफ लिविंग के संस्‍थापक श्रीश्री रविशंकर की ओर से सीबीआई अधिकारियों के लिए कार्यशाला का आयोजन करना वरिष्‍ठ वकील प्रशांत भूषण को रास नहीं आया। हालांकि कार्यशाला का मकसद सीबीआई अधिकारियों में सकारात्मक सोच और आपसी तालमेल को बढ़ावा देना था। लेकिन यह काम प्रशांत भूषण को इतना नागवार गुजरा कि उन्‍होंने यहां तक कह दिया कि सीबीआई में जल्द ही ज्योतिषी, तांत्रिक और सपेरे भी नजर आएंगे।

150 अधिकारी होंगे कार्यशाला में शामिल
दरअसल, सीबीआई द्वारा जारी प्रेस रिलीज में जानकारी दी गई है कि सीबीआई के मुख्यालय में आर्ट ऑफ लिविंग की कार्यशाला 10, 11 और 12 नवंबर को आयोजित की जाएगी। इस कार्यशाला में इंस्पेक्टर रैंक से लेकर सीबीआई के निदेशक पद तक के तकरीबन 150 अधिकारी शामिल होंगे। इसका मकसद सीबीआई कर्मियों में सकारात्मकता और ताल-मेल को बढ़ावा देना है और स्‍वस्‍थ वातावरण का निर्माण करना है। तीन दिवसीय इस कार्यशाला के खिलाफ एक ट्वीट कर प्रशांत भूषण ने कहा है कि सीबीआई के निदेशक पद से आलोक वर्मा को हटाकर भ्रष्ट अधिकारी नागेश्वर राव को कार्यकारी निदेशक बना दिया गया। सीबीआई संगठन में सकारात्मकता और स्वस्थ वातावरण बनाने के लिए अब डबल श्री की कार्यशाला आयोजित करा रही है। जल्द ही हम सीबीआई में तांत्रिक, ज्योतिषी और सपेरे भी देखेंगे।

थम नहीं रहा सीबीआई बनाम सीबीआई विवाद
आपको बता दें कि सीबीआई के निदेशक आलोक वर्मा और विशेष निदेशक राकेश अस्थाना के बीच मचे घमासान के बाद केंद्र की मोदी सरकार ने बीते 24 अक्टूबर को दोनों को छुट्टी पर भेज दिया था। दोनों अधिकारियों ने एक-दूसरे के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। वर्मा ने हवाला और मनी लॉन्ड्रिंग के मामलों में मीट कारोबारी मोईन क़ुरैशी को क्लीनचिट देने में कथित तौर पर घूस लेने के आरोप में सीबीआई ने बीते दिनों अपने ही विशेष निदेशक राकेश अस्थाना के ख़िलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई थी। अस्थाना पर आरोप है कि उन्होंने मोईन क़ुरैशी मामले में हैदराबाद के एक व्यापारी से दो बिचौलियों के जरिए पांच करोड़ रुपए की रिश्वत मांगी थी। इसके जवाब में अस्‍थाना ने आरोप लगाया था कि आलोक वर्मा ने इस मामले में दो करोड़ की रिश्‍वत खाई है।