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कांग्रेस के चिंतन शिविर को प्रशांत किशोर ने बताया फेल, कहा- कुछ हासिल नहीं होगा

कांग्रेस ने चिंतन शिविर के जरिए एक बार फिर मजबूती से वापसी करने के लिए राजस्थान के उदयपुर में मंथन किया। लेकिन इस मंथन को लेकर चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर का बड़ा बयान सामने आया है। प्रशांत किशोर ने कांग्रेस के चिंतन शिविर को प्रतिक्रिया देते हुए इसे फेल बताया है।

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Prashant Kishor On Congress Chintan Shivir Says It's Failed

Prashant Kishor On Congress Chintan Shivir Says It's Failed

कांग्रेस के लगातार खराब प्रदर्शन के बाद पार्टी की ओर से राजस्थान के उदयरपुर में तीन दिन का चिंतन शिविर आयोजित किया गया। इस शिविर में पार्टी के तमाम छोटे बड़े नेताओं ने मजबूत वापसी के लिए मंथन किया। लेकिन इस मंथन के बाद अन्य राजनीतिक दलों के साथ-साथ चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर की भी प्रतिक्रिया सामने आई है। प्रशांत किशोर ने कांग्रेस के चिंतन शिविर को लेकर बड़ा बयान दिया है। पीके ने कांग्रेस के चिंतन शिविर को पूरी तरफ फेल बताया है। चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने एक बार फिर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा है कि, कांग्रेस के चिंतन शिविर से कुछ भी सार्थक हासिल नहीं हुआ।

कांग्रेस भले चिंतन शिविर के बाद एक फिर पार्टी का उदय तलाश रही हो, लेकिन चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर की नजर में ये शिविर पूरी तरफ विफल रहा है। इस शिविर से कांग्रेस को कुछ भी हासिल नहीं होने वाला है। बता दें कि लंबे समय तक प्रशांत किशोर के कांग्रेस में शामिल होने को लेकर अंटकलें चलती रहीं, लेकिन आखिरकार प्रशांत किशोर की कांग्रेस में एंट्री नहीं हो पाई।

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क्या बोले प्रशांत किशोर?
प्रशांत किशोर ने ट्वीट कर कहा कि उनसे लगातार कांग्रेस के चिंतन शिवर को लेकर सवाल किए जा रहे हैं। मेरे विचार से कांग्रेस को चिंतन शिविर से कुछ भी सार्थक हासिल नहीं हुआ। हालांकि, कांग्रेस नेतृत्व को कम से कम गुजरात और हिमाचल चुनाव तक मौजूदा मुद्दों को टालने का समय मिल गया है।

कांग्रेस को पटरी पर लाने के लिए दिया प्रजेंटेशन
प्रशांत किशोर की लंबे वक्त से कांग्रेस में जाने के कयास लग रहे थे। कांग्रेस को दोबारा कैसे पटरी पर लाया जाए, इसको लेकर भी प्रशांत किशोर ने सोनिया गांधी को प्रजेंटेशन भी दिए।

इसमें कांग्रेस में तमाम तरह के बदलाव को लेकर भी सुझाव दिए गए थे। इस दौरान कुछ और बड़े नेता भी मौजूद थे। हालांकि, कांग्रेस और प्रशांत किशोर में बात नहीं बनी। इसके बाद प्रशांत किशोर ने अपनी राहें अलग कर लीं।

बिहार से 3 हजार किमी पदयात्रा का ऐलान
कांग्रेस से बात नहीं बनने के बाद प्रशांत किशोर ने ऐलान किया कि वे बिहार में 3000 किमी लंबी पदयात्रा निकालेंगे। इस दौरान वे बिहार में लोगों के मुद्दों को समझेंगे।

वे बिहार में करीब 17 हजार ऐसे लोगों से मिलेंगे, जिनमें बिहार की समस्याओं को सुलझाने की क्षमता है और बिहार को बदलने का जज्बा है।

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