
BJP lambasted RJD leader Tejashwi Yadav for calling presidential candidate Droupadi Murmu "statue
बिहार विधानसभा में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता तेजस्वी यादव ने शनिवार, 16 जुलाई को सत्तारूढ़ NDA के उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू का अपमान करते हुए एक बयान दिया था। जिसे लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कहा कि यह राजद नेता की "आदिवासी विरोधी", "महिला विरोधी" मानसिकता को उजागर करता है। द्रौपदी मुर्मू को लेकर तेजस्वी यादव ने कहा कि हमें राष्ट्रपति भवन में कोई मूर्ति नहीं चाहिए, उनको हमने कभी बोलते नहीं सुना। उन्होंने विधानसभा में मौजूद लोगो से सवाल किया कि क्या आपने कभी सुना है?
RJD के वरिष्ठ नेता और लालू प्रसाद यादव के बेटे तेजस्वी यादव के इस बयान को लेकर सत्ता पक्ष उनपर हमलावर हो गया है। तेजस्वी यादव ने कहा, "राष्ट्रपति भवन में हमें कोई मूर्ति नहीं चाहिए। हम राष्ट्रपति का चुनाव कर रहे हैं। छोटा मुंह बड़ी बात, लेकिन आपने यशवंत सिन्हा को हमेशा सुना होगा लेकिन सत्ता पक्ष की राष्ट्रपति की उम्मीदवार को हमने कभी नहीं सुना है। वह जब से उम्मीदवार बनी हैं, उन्होंने एक भी प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं की है।"
तेजस्वी यादव के इस बयान को लेकर बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा, "आज हम इतिहास के उस मोड़ पर हैं जहां पहली आदिवासी आदिवासी नेता भारत की राष्ट्रपति होंगी। द्रौपदी मुर्मू जैसी शख्सियत ने सामाजिक-आर्थिक और निजी परिस्थितियों से जूझते हुए शीर्ष पर पहुंच गई, लेकिन हर दिन विपक्षी नेता उनका अपमान कर रहे हैं।" पूनावाला ने आगे कहा, "पहले द्रौपदी मुर्मू को कांग्रेस ने डमी कहा था, और अब तेजस्वी ने उन्हें मूर्ति बताया है। कांग्रेस और राजद द्वारा हर रोज इस तरह के बयान दिए जा रहे हैं जो उनके 'आदिवासी विरोधी और महिला विरोधी मानसिकता' को प्रदर्शित कर रहा है।"
बीजेपी प्रवक्ता ने आरजेडी नेता से अपने बयान के लिए माफी मांगने की भी डिमांड की है। उन्होंने कहा, यह सबसे खेदजनक बयान है। राजद झारखंड में झामुमो के साथ गठबंधन है। झामुमो द्रौपदी मुर्मू का समर्थन कर रहा है। इसलिए झामुमो मूर्ति का समर्थन कर रहा है?" पूनवाला ने एनडीए के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार की उपलब्धि के बारे में बात करते हुए मुर्मू की सराहना भी की। "वह एक उत्कृष्ट प्रशासक हैं। उन्होंने 2007 में सर्वश्रेष्ठ विधायक का पुरस्कार भी जीता था।
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वहीं दूसरी तरफ बिहार बीजेपी अध्यक्ष संजय जायसवाल ने भी कहा, "तेजस्वी और अन्य लोगों को लगता है कि वे लोकतांत्रिक राष्ट्र के सम्राट हैं। जो कोई भी अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और ओबीसी समुदाय से संबंध रखता है उसका हमेशा विरोध किया जाता है।" उन्होंने आगे कहा क तेजस्वी द्वारा की गई इस तरह की बातें यह दर्शाता है कि वह खुद किस तरह के व्यक्ति हैं। उन्हें लगता है कि वे कुछ भी कह सकते हैं जो वे चाहते हैं, क्योंकि उन्हें लगता है कि पूरी दुनिया उनकी दासी है और उन्हें उनकी बात माननी चाहिए।
गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब विपक्षी दलों द्वारा इस तरह का बयान दिया गया है। अभी कुछ दिन पहले, कांग्रेस पुडुचेरी ने ट्विटर पर कहा था कि भाजपा राष्ट्रपति के रूप में एक डमी चाहती है और साथ ही वो एससी/एसटी समुदाय को धोखा देना चाहते हैं। हालांकि बाद में कांग्रेस हैंडल ने ट्वीट को बाद में डिलीट कर दिया। बता दें, राष्ट्रपति पद के लिए एनडीए ने द्रौपदी मुर्मू को खड़ा किया गया है तो दूसरी तरफ विपक्ष ने यशवंत सिन्हा को अपना उम्मीदवार बनाया है। 18 जुलाई को राष्ट्रपति चुनाव होने वाला है और 21 जुलाई को नए राष्ट्रपति के नाम की घोषणा कर दी जाएगी। इसके बाद 25 जुलाई को नए राष्ट्रपति शपथ लेंगे।
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Published on:
17 Jul 2022 12:06 pm
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