26 अक्टूबर 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

रफाल विवाद: कांग्रेस ने फिर लगाया आरोप- पीएम मोदी ने सौदे के लिए जमकर की मनमानी

कांग्रेस ने कहा कि 36 रफाल लड़ाकू विमानों के सौदे के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रक्षा सौदा प्रक्रिया के नियमों को पूरी तरह से ताक पर रखा है।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

•

image

Chandra Prakash Chourasia

•

Updated: 15 Nov 2018, 5:54 PM IST

Rafale deal

रफाल विवाद: कांग्रेस ने फिर लगाया आरोप- पीएम मोदी ने सौदे के लिए जमकर की मनमानी

नई दिल्ली। 36 रफाल लड़ाकू विमानों के सौदे पर दस्सू के सीईओ एरिक ट्रैपियर के बयान के बाद भी कांग्रेस का मोदी सरकार पर हमला जारी है। गुरुवार को कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर आरोप लगाया है कि विमान सौदे में उन्होंने कानून मंत्रालय और रक्षा सौदा प्रकोष्ठ के सुझाव को दरकिनार करते हुए मनमानी की है। कांग्रेस ने कहा कि पीएम ने राष्ट्रीय हितों की अनदेखी की है और अपने पूंजीपति मित्र को फायदा पहुंचाया है।

प्रधानमंत्री ने नियमों को ताक पर रखा: सुरजेवाला

कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि रफाल विमान सौदे में प्रधानमंत्री ने जमकर मनमानी की है। उन्होंने न सिर्फ रक्षा खरीद प्रक्रिया का उल्लंघन किया है बल्कि इस संबंध में कानून मंत्रालय तथा रक्षा खरीद प्रकोष्ठ के सुझावों को भी नहीं माना और सुरक्षा मामलों की कैबिनेट कमेटी से सौदे को मंजूरी दिला दी। उन्होंने दावा किया कि इस खरीद के लिए एक समिति का गठन किया गया था। समिति ने विमानों की कीमत के बेंच मार्क को बढ़ाने के मोदी की मनमानी का विरोध किया था। प्रधानमंत्री ने रक्षा सौदा प्रक्रिया के नियमों को पूरी तरह से ताक पर रखा है। उन्हीं के कहने पर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल सौदे की बातचीत के लिए पेरिस गए थे जबकि उनका इस खरीद से कोई संबंध नहीं है।

फर्जी डिग्री मामला: अंकिव बसोया को ABVP ने किया बाहर, DU अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने का आदेश

बैंक गारंटी को लेकर भी सरकार पर हमला

बैंक गारंटी को लेकर हो रही बहस पर कांग्रेस ने नेता ने कहा कि इस तरह के बड़े सौदों के लिए बैंक गारंटी जरुरी होती है। सौदे में सरकार का पैसा फंस सकता है इसलिए बैंक की गारंटीहोती है, लेकिन प्रधानमंत्री ने बैंक गांरटी की अनिवार्यता का भी उल्लंघन किया है और बगैर इसके इतने बड़े सौदे को अंजाम दिया है। बैंक गारंटी के लिए सरकार को कानून मंत्रालय से भी सुझाव मिला था लेकिन उसकी परवाह नहीं की गई।

सुप्रीम कोर्ट में रफाल पर सुनवाई पूरी

बता दें कि बुधवार को ही सर्वोच्च न्यायालय में फ्रांस विमानों की खरीद की जांच की मांग करने वाली याचिकाओं पर सुनवाई पूरी कर ली है। प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति एस.के.कौल और न्यायमूर्ति के.एम.जोसेफ की पीठ ने आदेश को सुरक्षित कर लिया,जबकि महान्यायवादी के.के.वेणुगोपाल ने राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देते हुए नरेंद्र मोदी सरकार के फैसले का बचाव किया। हालांकि, वेणुगोपाल ने माना कि सौदे का समर्थन कर रही फ्रांस सरकार ने लड़ाकू विमान की आपूर्ति में गड़बड़ी की स्थिति में जिम्मेदारी लेने की गारंटी नहीं दी है।

बड़ी खबरें

View All

राजनीति

ट्रेंडिंग