मोदी ने कहाकि साल 2009 में यह पता लगाना बहुत मुश्किल था कि उन पैकेटों के अंदर क्या था। अच्छा है, उन्होंने बोलना शुरू कर दिया। इससे किसी भूचाल की संभावना नहीं है। देश अपने प्रधानमंत्री पर लगे रिश्वतखोरी के आरोप की सच्चाई जानना चाहता है, लेकिन मोदी ने यह कहकर बहलाने का प्रयास किया यदि वह नहीं बोलते तो देश को एक बड़े भूचाल का सामना करना पड़ता। देश को इतना बड़ा भूचाल झेलना पड़ता कि 10 साल तक उभर नहीं पाता।