8 फ़रवरी 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Rahul Gandhi Birthday : राहुल गांधी…समय की कसौटी पर फिर इम्तिहान की बारी

Rahul Gandhi 53th Birthday कांग्रेस नेता राहुल गांधी का आज जन्मदिन है। आज राहुल गांधी 53 साल के हो गए हैं। पार्टी प्रमुख मल्लिकार्जुन खरगे सहित ढेर सारे लोगों ने राहुल गांधी को जन्मदिन कर बधाई दी। राहुल गांधी के जन्मदिन पर कई सवाल उठ रहे हैं। क्या राहुल के नेतृत्व में विपक्ष भाजपा को चुनौती देगा? अगर हां, तो क्या भाजपा विरोधी सभी दल राहुल को अपना नेता स्वीकार करेंगे? पढ़े और जानें क्या हो सकता है....

2 min read
Google source verification
rahul_gandhi_birthday.jpg

Rahul Gandhi 53th Birthday

कांग्रेस नेता राहुल गांधी का आज जन्मदिन है। आज राहुल गांधी 53 साल के हो गए हैं। लोकसभा चुनाव 2024 से पहले सबसे बड़ा सवाल ये कि लोकसभा चुनाव में नरेंद्र मोदी के सामने विपक्ष का चेहरा कौन होगा? क्या राहुल के नेतृत्व में विपक्ष भाजपा को चुनौती देगा? अगर हां, तो क्या भाजपा विरोधी सभी दल राहुल को अपना नेता स्वीकार करेंगे? पिछले दो दशक से देश की राजनीति में प्रमुख किरदार बनकर उभरे राहुल 53 साल के हो गए हैं और उनके लिए आगे का रास्ता इतना आसान नहीं। चार बार सांसद और लगभग 20 महीने तक कांग्रेस के अध्यक्ष रहे राहुल का मुकाबला नरेंद्र मोदी से है।

कहते हैं इंसान अपनी गलतियों से सबक लेता है। राहुल ने भी अपनी गलतियों से कुछ सीखने का प्रयास किया है। लेकिन अब भी उन्हें भारतीय जनमानस की नब्ज को पकड़ने की कला में पारंगत होना पड़ेगा। बेवजह के उन बयानों से परहेज करना होगा, जो उन्हें दो कदम पीछे धकेलते हैं। अयोध्या के विवादित ढांचे के दौरान कांग्रेस नेतृत्व, मोदी सरनेम, सावरकर व विदेश में जा कर दिए कुछ बयानों से न उन्हें और न ही उनकी पार्टी को कोई फायदा पहुंचाया। मोदी सरनेम मामले में तो उनकी सांसदी तक चली गई।



राजनीति में गंभीर नहीं रहने के आरोप

राहुल पर अक्सर राजनीति में गंभीर नहीं रहने के आरोप लगते हैं। संसद सत्र के दौरान उनकी विदेश यात्राएं हों अथवा 2019 के चुनाव में हार के बाद कांग्रेस अध्यक्ष पद छोडऩा। कांग्रेस विरोधी दल राहुल की राजनीतिक योग्यता पर भले तमाम सवाल खड़े करें, लेकिन कांग्रेस में आज भी उनके कद का कोई नेता शायद नहीं है। कन्याकुमारी से कश्मीर तक स्वतंत्र भारत की सबसे लम्बी पैदल यात्रा कर उन्होंने सबको चौंका दिया।

यह भी पढ़ें - राहुल गांधी का मोदी सरकार पर हमला, PSU की दो लाख नौकरियां हुईं फुर्र, क्या यही है अमृतकाल?

एक बार फिर इम्तिहान देने की बारी

भारत जाेड़ो यात्रा ने कांग्रेस को तो आक्सीजन दी ही, साथ ही राहुल के व्यक्तित्व में भी निखार लाई। अब से एक साल में राजस्थान, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, तेलंगाना, उड़ीसा और आंध्रप्रदेश विधानसभाओं के साथ लोकसभा चुनाव भी होने हैं। इन चुनावों की सफलता या विफलता राहुल के राजनीतिक भविष्य का निर्धारण नए सिरे से करेगी। इसलिए समय की कसौटी पर राहुल के सामने एक बार फिर इम्तिहान देने की बारी है।

राहुल गांधी का मजबूत पक्ष

1.
कांग्रेस में सर्वमान्य, देशभर में लोग जानते हैं।

2. अध्यक्ष नहीं, फिर भी राहुल की मर्जी से हर फैसला।

3. पीएम मोदी-भाजपा पर बेबाकी से सीधा हमला करने वाले नेता की छवि।

4. भारत जोड़ो यात्रा और उसके बाद लोगों के बीच रहना।

5. भाजपा का राहुल पर ही आए दिन बयानबाजी करना, विपक्ष में राहुल के कद को बताता।

राहुल गांधी का कमजोर पक्ष

1.
कई अन्य विपक्षी दलों को स्वीकार्य नहीं।

2. जरूरत से ज्यादा बोलने से बिगड़ती बात।

3. हिंदी बेल्ट में अभी मोदी के मुकाबले काफी पीछे।

4. ईडी और मानहानि के आपराधिक मामले।

5. कांग्रेस की मजबूती हैं तो कमजोरी भी।

यह भी पढ़ें - राहुल गांधी पर हरदीप सिंह पुरी का तंज, See Video जानें क्या कहा?

यह भी पढ़ें - मोदी सरनेम मामला : रांची कोर्ट का राहुल को आखिरी समन, 4 को पेश होने के आदेश