
नई दिल्ली: कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार को राजस्थान कांग्रेस के नेताओं से अपने आवास पर मुलाकात की। राहुल गांधी की कांग्रेस नेताओं से ये मुलाकात राजस्थान में पार्टी के अंदर चल रही कलह को खत्म करने को लेकर थी। इस मीटिंग में राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट , पूर्व मुख्यमंत्री और गुजरात के प्रभारी महासचिव अशोक गहलोत , पूर्व केन्द्रीय मंत्री और उत्तरपूर्व के प्रभारी सी पी जोशी, विधानसभा में विपक्ष के नेता रामेश्वर डूडी, प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडे, पार्टी पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया।
मीटिंग में किन बातों का जिक्र किया गया और आखिर में क्या निष्कर्ष निकला, अभी तक इसकी कोई घोषणा तो नहीं हुई है, लेकिन मीटिंग खत्म होने के बाद राजस्थान कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट ने मीडिया से बात की और मीटिंग में क्या हुआ उसके बारे में थोड़ी जानकारी दी। सचिन पायलट ने कहा कि जनता ने जिस तरह से उपचुनाव में हमें बहुमत दिया है, उसी तरह 8 महीने बाद आने वाले आम चुनावों में भी जनता कांग्रेस पार्टी को प्रचंड बहुमत दिलाएगी और हम सब राहुल गांधी के ही नेतृत्व में चुनाव लड़ेंगे। सचिन पायलट ने कहा कि चाहे लोकसभा चुनाव हो या फिर आम चुनाव हम राहुल जी के नेतृत्व में प्रदेश में जोरदार प्रचार करने के लिए तैयार हैं।
वहीं बीजेपी पर निशाना साधते हुए सचिन पायलट ने कहा कि हम राहुल जी के नेतृत्व में ही बीजेपी के पाखंड को सत्ता से उखाड़ फेकेंगे। उन्होंने कहा कि जो भी राजनीतिक दल कांग्रेस की विचारधारा में विश्वास रखते हैं हम उनके साथ मिलकर जोरदार प्रचार के लिए तैयार हैं, हम बीजेपी को सत्ता से बाहर कर के रहेंगे।
आपको बता दें कि उपचुनाव में जीत के बाद से ही राजस्थान कांग्रेस में चेहरे को लेकर कलह शुरु हो गई थी। इस कलह को दूर करने के लिए राहुल गांधी ने अपने आवास पर ये मीटिंग बुलाई थी, जिसमें राहुल गांधी ने प्रदेश के कई बड़े नेताओं को बुलाया था। मीटिंग खत्म होने के बाद सचिन पायलट की बातों से तो यही अंदाजा लगाया जा सकता है कि राहुल गांधी ने जिस उद्देश्य से ये मीटिंग बुलाई थी वो पूरा हो गया है। कांग्रेस पार्टी राजस्थान में राहुल गांधी के ही नेतृत्व में चुनाव लड़ेगी।
आपसी मतभेदों को लेकर पार्टी हाईकमान है सख्त
आपको बता दें कि पार्टी अध्यक्ष ने यह बैठक ऐसे वक्त में बुलाई थी जब राजस्थान के बड़े नेताओं में चुनावी चेहरा बनने के लिए घमासान मचा हुआ है। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता के अनुसार उपचुनाव में जीत के बाद राजस्थान से आ रही मतभेदों की खबरों से आलाकमान पूरी तरह अवगत है और वह पहले ही यह संदेश दे चुका है कि इस साल के आखिरी तक होने वाले विधानसभा चुनावों में किसी तरह की कोताही, गुटबाजी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
Updated on:
22 Feb 2018 01:55 pm
Published on:
22 Feb 2018 10:49 am
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