
रणदीप सुरजेवाला ने पार्टी के नेताओं से कहा कि बीजेपी को खरीद-फरोख्त का मौका न दें।
नई दिल्ली। राजस्थान में मुख्यमंत्री पद को लेकर अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच सत्ता का संघर्ष जारी है। अपनी मांगों को लेकर सचिन पायलट ने एक तरह से बगावती तेवर अपना लिए हैं। इस बीच कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि कभी-कभी वैचारिक मतभेद उत्पन्न हो जाता है जो प्रजातांत्रितक प्रणाली में स्वाभाविक है। परंतु वैचारिक मतभेद पैदा होने से चुनी हुई अपनी ही पार्टी की सरकार को कमजोर करना या बीजेपी को खरीद-फरोख्त का मौका देना अनुचित है।
आलाकमान ने सचिन से की कई बार बात
रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व ने पिछले 48 घंटे में सचिन पायलट से अनेकों बार बात की है। आलाकमान ने सचिन को वास्तविक स्थिति से अवगत कराया है।
राजस्थान व्यक्तिगत प्रतिस्पर्धा से बड़ा
उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत प्रतिस्पर्धा वाजिब हो सकती है, लेकिन राजस्थान व्यक्तिगत प्रतिस्पर्धा से बड़ा है। साथ ही उन्होंने कहा कि मतभेद है तो पार्टी आलाकमान के दरवाजे खुले हैं, कांग्रेस विधायक दल की बैठक में शामिल हों सचिन पायलट।
पायलट अब बीजेपी में हैं
वहीं छत्तीसगढ़ कांग्रेस के प्रभारी पीएल पुनिया ने कहा है कि सचिन पायलट अब बीजेपी में हैं। उनके रुख से साफ है कि वो कांग्रेस से रिश्ता नहीं रखना चाहते हैं।
बीजेपी ने सरकार गिराने के लिए बड़ी रकम की पेशकश की
वहीं कांग्रेस विधायक राजेंद्र गुढ़ा ने सोमवार को कहा कि बीजेपी ने उन्हें अशोक गहलोत सरकार को गिराने के लिए बड़ी रकम देने की पेशकश की। जयपुर में सीएम आवास के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार के पास पूरी संख्या है।
उन्होंने दावा किया कि भाजपा के कुछ विधायक भी सरकार के संपर्क में हैं। गुढ़ा उन 7 बसपा विधायकों में से हैं जो कांग्रेस में शामिल हो गए थे।
सीएम से पार्टी कि विधायक खुश नहीं
दूसरी तरफ बीजेपी नेता ओम माथुर ने कहा है कि राजस्थान के लोगों ने कांग्रेस को राज्य में सरकार बनाने का मौका दिया था। उन्हें इसका सही इस्तेमाल करना चाहिए था। सीएम को अपनी सरकार बरकरार रखनी चाहिए थी लेकिन वह ऐसा नहीं कर पा रहे हैं। उनकी पार्टी के विधायक उनसे खुश नहीं हैं।
गहलोत सरकार के पास बहुमत नहीं
राजस्थान बीजेपी अध्यक्ष सतीश पुनिया ने कहा कि सचिन पायलट राजस्थान के सीएम पद के लिए सही उम्मीदवार थे, लेकिन अशोक गहलोत ने कार्यभार संभाल लिया। तब से पार्टी में संघर्ष जारी है। आज जो हो रहा है, वह उसी संघर्ष का परिणाम है। राज्य सरकार बहुमत खो चुकी है।
बता दें कि कांग्रेस विधायकों की बैठक जारी है। बैठक में सभी विधायकों के शामिल होने के लिए कांग्रेस पार्टी ने व्हिप जारी किया है। इस बीच खबर आ रही है कि कांग्रेस के 16 विधायक अभी तक जयपुर नहीं पहुंचे हैं। ये सभी सचिन पायलट खेमे के बताए जा रहे हैं।
उनके गुट से जुड़े नेताओं ने दावा किया है कि पायलट गुट में 30 से अधिक विधायक हैं। वहीं, कांग्रेस पार्टी भी डौमेज कंट्रोल करने में जुट गई है। अजय माकन और रणदीप सुरजेवाला कल देर रात इस काम में जुटे हैं।
Updated on:
13 Jul 2020 03:23 pm
Published on:
13 Jul 2020 01:09 pm
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