
राम माधव का राहुल गांधी पर पलटवार, 'कांग्रेस-जेडीएस सबसे भ्रष्ट और अनैतिक गठबंधन'
नई दिल्ली। भाजपा के खिलाफ हमलावर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव राम माधव ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस भ्रष्टाचार की जननी है। इतिहास में उसके नाम से एक नहीं अनेकों भ्रष्टाचार के रिकॉर्ड दर्ज हैं। राहुल गांधी को पीएम मोदी के खिलाफ कुछ भी बोलने का हक नहीं है। उन्हें इस बारे में कुछ भी बोलने से पहले कांग्रेस का इतिहास पढ़ने की जरूरत है। आपको बता दें कि कर्नाटक में फ्लोर टेस्ट से पहले सीएम पद से पहले येदियुरप्पा ने इस्तीफा दे दिया था। उसके बाद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने पीएम मोदी और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पर हमला बोला था। उन्होंने कहा था कि भाजपा ने सरकार बनाने के लिए हॉर्स ट्रेडिंग को बढ़ावा देने का काम किया है। इस बात की जांच होनी चाहिए।
भ्रष्टाचार पर बोलने का हक नहीं
उनके इस बयान के खिलाफ भाजपा के राम माधव ने कहा कि कांग्रेस का पूरा इतिहास भ्रष्टाचार से भरा है। भाजपा सरकार के खिलाफ पिछले 4 सालों में एक भी वास्तविक आरोप नहीं लगे हैं। देश में सबसे भ्रष्ट पार्टी कांग्रेस है और भ्रष्टाचार ने अनैतिक सौदे में हमेशा लिप्त रही है। उन्होंने कर्नाटक में कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन को अब तक का महाभ्रष्ट और अनैतिक गठबंधन करार दिया है। उन्होंने कहा कि यह बेमेल गठबंधन है। प्रदेश में गठबंधन की सरकार बहुत जल्द आपसी कलह का शिकार बनेगी।
अपने गौरवशाली इतिहास को याद करें राहुल
इससे पहले कांग्रेस के आरोपों पर भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने ट्वीट किया कि कांग्रेस अध्यक्ष को जाहिर तौर पर अपनी पार्टी का गौरवशाली इतिहास याद नहीं होगा। कांग्रेस ने अनुच्छेद 356 का जबरदस्त तरीके से गलत इस्तेमाल। अदालत, मीडिया और नागरिक समाज को नीचा दिखाना राहुल गांधी को पार्टी की तरफ से विरासत में मिला है। शाह ने लिखा है कि कर्नाटक में जनता किसके साथ है ये बात साफ हैा भाजपा 104 सीटें मिली हैं। कांग्रेस को 78 सीटें मिली हैं और उसके मुख्यमंत्री और मंत्री खुद बड़े अंतर से हारे हैं। जेडीएस को 37 सीटें मिली हैं। दोनों ही पाट्रियों के नेताओं का कई जगह जमानत जब्त हो गई है। जनता सब जानती है। उन्होंने कहा कि 2013 में 122 सीट जीतने वाली कांग्रेस आज घटकर 78 सीटों पर रह गई है। कांग्रेस ने कर्नाटक के राज्यपाल की ओर से बीएस येदियुरप्पा को सरकार बनाने का न्योता देने के फैसले को लोकतंत्र की हत्या और संविधान का उल्लंघन करार दिया था।
Updated on:
21 May 2018 07:58 am
Published on:
21 May 2018 09:42 am
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