
कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद का पलटवार, पूछा- बंद के दौरान बच्ची की मौत के लिए जिम्मेदार कौन?
नई दिल्ली। कांग्रेस सहित 21 विपक्षी दलों के अराजक भारत बंद के आह्वान पर केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने पलटवार किया है। उन्होंने कांग्रेस से पूछा है कि क्या वो जहानाबाद में बंद के दौरान एक बच्ची की मौत की जिम्मेदारी लेगी? बता दें कि कांग्रेस के भारत बंद के दौरान आज मौत की ये पहली घटना है। इस घटना में एक बच्ची की मौत हो गई है। इस घटना को लेकर भाजपा ने विपक्षी दलों के खिलाफ हमलावर रुख अपना लिया है। साथ ही बंद को पूरी तरह से अराजक करार दिया है। विपक्ष से मांग की है कि वो इस घटना की गंभीरता से जिम्मेदारी ले।
बंद के नाम पर तांडव बंद करे कांग्रेस
कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने विपक्ष के अराजक बंद को कांग्रेस का तांडव करार दिया है। विपक्ष से इस तांडव को तुरंत बंद करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि जहानाबाद में बच्ची की मौत केवल इसलिए हुई कि जिस रास्ते से बच्ची का ईलाज कराने के लिए उनके परिजन एंबुलेस से लेकर जा रहे थे उसे बंद समर्थकों ने जाने नहीं दिया। कांग्रेस व विपक्षी दलों के समर्थकों ने उस रास्ते को ब्लॉक कर रखा था। परिजनों के लाख कहने पर भी गुंडागर्दी पर उतारू भीड़ ने एंबुलेंस को जाने की इजाजत नहीं दी जिसकी वजह से बच्ची की समय पर ईलाज न होने से मौत हो गई। रविशंकर प्रसाद ने विभिन्न शहरों में जारी हिंसा, आगजनी, और तोड़फोड़ की घटनाओं पर चिंता जताते हुए देश की जनता बंद के साथ नहीं है। कांग्रेस बंद के नाम पर अराजकता और गुंडागर्दी का राज कायम करना चाहती है। केंद्र सरकार इसे बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जान बूझकर लोगों को परेशान करने पर तुली है।
कीमत को नियंत्रित करना सरकार के हाथ में नहीं
कानून मंत्री ने कहा कि हमारा देश दुनिया का महान लोकतंत्र है। लोकतंत्र में सबको हड़ताल और बंद करने का अधिकार है। लेकिन बंद की आड़ में विपक्षी पाट्रियां हिंसा और तोड़फोड़ के साथ अराजकता को बढ़ावा दे तो हम उसे स्वीकार नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में किसी को भी कानून व्यवस्था अपने हाथ में लेने की इजाजत नहीं है। उन्होंने कहा कि जिस पेट्रोल-डीजल की कीमतों को लेकर कांग्रेस का भारत बंद जारी है उस कीमत को कम करना या नियंत्रित करना सरकार के हाथ में नहीं है। इस बात को कांग्रेस सहित सभी विपक्षी पार्टियां बखूबी जानती है। इसके बावबजूद देश में अराजकता को बढ़ावा देने के लिए ये सब किया जा रहा है। हलांकि इस मामले में जहानाबाद के एसडीओ परितोष कुमार ने बताया कि बच्ची की मौत बंद की वजह से नहीं हुई। बच्ची को उसके पिता ईलाज के लिए घर से देर से लेकर निकले थे। साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि जिस रास्ते से वो जा रहे थे उसे बंद समर्थकों ने ब्लॉक कर रखा था।
Published on:
10 Sept 2018 01:40 pm
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