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दूसरे दलों की बागी नेताओं की डिमांड से कांग्रेस परेशान, बिहार में सामने आई नई मुश्किलें

पटना के गांधी मैदान में जन आकांक्षा रैली के बाद से कांग्रेस दूसरे दलों के कई नेता कोशिश कर रहे हैं। कांग्रेस में इन नेताओं के शामिल होने पर सहयोगी पार्टियां नाराज हो सकती हैं।
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Dhirendra Kumar Mishra

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Updated: 6 Feb 2019, 1:30 PM IST

bihar congress

दूसरे दलों की बागी नेताओं की डिमांड से कांग्रेस परेशान, बिहार में सामने आई नई मुश्किलें

नई दिल्ली। तीन राज्‍यों में चुनावी जीत से कांग्रेस के सामने मुश्किलें पहले की तुलना में कम हुई है। लेकिन बिहार के मामले में ऐसा नहीं है। बिहार में कांग्रेस में शामिल होने को लेकर भाजपा, जदयू, राकांपा और राजद के कई नेता कोशिश कर रहे हैं। ये वे राजनेता हैं जो मौजूदा पार्टी से नाखुश हैं। कांग्रेस प्रमुख राहुल गांधी की रैली से ये राजनेता काफी उत्साहित भी हैं। उनका मानना है कि कांग्रेस यूपी के बाद बिहार में भी फ्रंट फुट पर खेलने जा रही है।

एक साल में बदली तस्‍वीर
बिहार में कांग्रेस की स्थिति एक साल पहले की स्थिति के ठीक विपरीत है। एक साल पहले कांग्रेस बिहार में राज्य इकाई के अध्यक्ष को खोजने के लिए संघर्ष कर रही थी। लेकिन अब वैसा नहीं है। कांग्रेस में शामिल होने के लिए कई बड़े नाम सामने आ रहे हैं। जानकारी के मुताबिक इनमें पूर्व क्रिकेटर कीर्ति आजाद, फिल्म स्टार शत्रुघ्न सिन्हा, पूर्व भाजपा सांसद उदय सिंह, बिहार के मोकामा से निर्दलीय विधायक अनंत सिंह और जन अधिकार पार्टी के नेता पप्पू यादव शामिल हैं।

अधिकांश नेता उच्च जातियों से हैं
आपको बता दें कि चार दिन पहले पूर्व केंद्रीय मंत्री एलएन मिश्रा के पोते जदयू नेता ऋषि मिश्रा कांग्रेस में शामिल हो गए। इससे पहले जेल में बंद डॉन-राजनेता आनंद मोहन की पत्नी और पूर्व सांसद लवली आनंद और एनसीपी नेता तारिक अनवर कांग्रेस में शामिल हुए थे। इनमें से अधिकांश नेता उच्च जातियों से हैं। ऋषि मिश्रा और कीर्ति आज़ाद ब्राह्मण हैं, उदय सिंह और लवली आनंद राजपूत हैं, अनंत सिंह भूमिहार हैं और शत्रुघ्न सिन्हा कायस्थ हैं।

महागठबंधन के सहयोगी असहज
बदली परिस्‍थतियों में कांग्रेस में शामिल होने की इच्छा रखने वाले उच्च जाति के नेताओं की तेजी ने बिहार में अपने सहयोगियों को असहज कर दिया है। बिहार में कांग्रेस के मुख्य सहयोगी राजद को लगता है कि यह स्थिति राजद के मूल ओबीसी और दलित समर्थकों को भ्रमित कर सकती है। विधायक अनंत सिंह पहले ही मुंगेर लोकसभा सीट से अपनी उम्मीदवारी की घोषणा कर चुके हैं। जबकि महागठबंधन में मुंगेर राजद के खाते में जाएगी। ऐसी ही स्थिति लवली आंनद और कीर्ति आजाद को लेकर है।