
लंबी कानूनी लड़ाई के बाद रोहित शेखर ने पिता का नाम किया था हासिल
कुंवर हर्षित सिंह
देहरादून। रोहित शेखर तिवारी ने लंबी कानूनी लड़ाई के बाद अपने पिता का नाम हासिल किया था। रोहित ने लगभग छह साल तक एनडी तिवारी को अपना पिता साबित करने के लिए अदालती लड़ाई लड़ी। इसके बाद वह अदालती लडा़ई वर्ष 2014 मार्च में एनडी तिवारी को अपना पिता साबित करने में सफल हुए। मंगलवार को रोहित के आकस्मिक निधन ने सबको चौंका कर रख दिया। अदालत के आदेश पर एनडी तिवारी को अपना डीएनए टेस्ट कराना पड़ा। टेस्ट में यह साबित हुआ कि एनडी तिवारी ही रोहित के जैविक पिता हैं। इतना ही नहीं यूपी व उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री ने खुद सार्वजनिक रूप से कहा था कि "मैं यह स्वीकार करता हूं कि रोहित शेखर मेरे पुत्र हैं। डीएनए टेस्ट से भी यह साबित हुआ है कि वह मेरे जैविक पुत्र हैं।"
2014 में एनडी तिवारी ने उज्जवला शर्मा से की थी शादी
इतना ही नहीं रोहित ने अपनी मां उज्जवला शर्मा को भी न्याय दिलाया। खुद को एनडी तिवारी का बेटा साबित करने के बाद जल्द ही एनडी तिवारी ने उज्जवला शर्मा के साथ वर्ष 2014, मई में लखनऊ के मॉल एवेन्यू रोड़ स्थित आवास पर शादी की। इस दौरान उनके करीबी लोग शामिल हुए। विवाह समारोह में एनडी तिवारी ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच उज्ज्वला शर्मा के साथ सात फेरे लिए।
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पिछले साल हुआ था एनडी तिवारी का निधन
प्रीतम सिंह कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि रोहित शेखर का आमजन से बहुत जुड़ाव था। इतना ही नहीं उन्होंने अपने पिता की अंतिम समय में पूर्ण रूप से सेवा की। उनका आकस्मिक निधन बहुत ही दुखद है। हम सब सोच भी नहीं सकते थे कि ऐसा हो जाएगा।गौरतलब है कि नारायण दत्त तिवारी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री और आंध्र प्रदेश के राज्यपाल रह चुके हैं। पिछले साल 18 अक्टूबर 2018 को उनका निधन दिल्ली में इलाज के दौरान हो हुआ था।
Updated on:
17 Apr 2019 04:17 pm
Published on:
16 Apr 2019 09:25 pm
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