
Mohan Bhagwat of RSS
नागपुर। राष्ट्रीय
स्वयंसेवक संघ(आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत ने गुरूवार को विजयादशमी पर दिए जाने वाले
अपने सालाना भाषण में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केन्द्र सरकार की तारीफ की।
उन्होंने कहाकि, दो साल पहले देश में निराशा का माहौल था लेकिन अब आशा का किरण है।
पूरी दुनिया में एक नए भारत का संदेश गया है। दुनिया मे जहां कभी भी विपदा आई है हम
मदद करने के लिए गए हैं।
अपने भाषण के दौरान उन्होंने देश में समान नागरिक
संहिता की पैरवी की, हालांकि प्रत्यक्ष तौर पर उन्होंन कुछ नहीं कहा। जनसंख्या के
मुद्दे पर बोलते हुए भागवत ने कहाकि देश में सभी के लिए नीति होनी चाहिए। हमें तेजी
से बढ़ती जनसंख्या पर गंभीरता से सोचना चाहिए। इस कार्यक्रम के दौरान नीति आयोग के
सदस्य और डीआरडीओ के पूर्व चेयरमैन विजय कुमार सारस्वत मुख्य अतिथि थे। केन्द्रीय
मंत्री नीतिन गडकरी और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस भी कार्यक्रम
में शामिल हुए, दोनों ने संघ की पारम्परिक पोशाक पहन रखी थी।
शिक्षा के
मुद्दे पर उन्होंने कहाकि शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार की जरूरत है। हमारे देश में
शिक्षा को लेकर कई प्रयोग हो रहे हैं। हमें इन्हें एककर नया मॉडल बनाना चाहिए।
किताबों और पाठ्यसामग्री में आधारभूत सुधार की जरूरत है। हालांकि साथ ही कहाकि
किसानों, मजदूरों और खेती पर ध्यान देने की जरूरत है। हमें नीतियों पर जमीनी फीडबैक
लेना चाहिए।
पीएम मोदी की तारीफ करते हुए उन्होंने कहाकि मुद्रा बैंक, जन
धन, घरेलू गैस सब्सिडी छोड़ने, क्लीन इंडिया और स्किल डवलपमेंट यह काफी सकारात्मक
अभियान हैं जिससे वास्तविक और टिकाऊ विकास होगा। साम्प्रदायिक सद्भाव पर उन्होंने
कहाकि सभी लोगों का मिलजुलकर चलना जरूरी है, लोगों में मतभेद हो सकते है, विचार और
विचारधारा अलग-अलग हो सकती है। भारत के पास परंपरा और संतुलन के कई मॉडल है। सबके
साथ मधुर संबंध होने चाहिए।
Published on:
22 Oct 2015 11:59 am
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