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बारामती उपचुनाव: MVA में दरार! शरद पवार के बंगले पर हाई वोल्टेज बैठक, अब तक 19 उम्मीदवारों ने भरा पर्चा

Baramati Bypoll Sunetra Pawar: अजित पवार बारामती से लगातार आठ बार विधायक चुने गए थे और महाराष्ट्र के छह बार उपमुख्यमंत्री रह चुके थे। पुणे जिले के बारामती में 28 जनवरी को प्लेन क्रैश में अजित पवार का निधन हो गया।
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मुंबई

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Dinesh Dubey

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Updated: 5 Apr 2026, 11:42 AM IST

Baramati Bypolls MVA rift

बारामती उपचुनाव को लेकर महाविकास आघाड़ी में दरार के संकेत (Photo: IANS)

महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार के आकस्मिक निधन के बाद खाली हुई बारामती विधानसभा सीट पर 23 अप्रैल को होने वाले उपचुनाव ने राज्य की राजनीति में नया उबाल ला दिया है। इस सीट पर विपक्षी गठबंधन महाविकास आघाड़ी (MVA) के भीतर बढ़ता मतभेद अब खुलकर सामने आ गया है। जहां एक ओर कांग्रेस ने इस सीट पर अपना उम्मीदवार उतारने का मन बना लिया है, वहीं दूसरी ओर शिवसेना (UBT) द्वारा एनसीपी (सुनेत्रा पवार) की उम्मीदवार सुनेत्रा पवार को समर्थन देने की खबरें सामने आ रही हैं। इस खींचतान के बीच शरद पवार के मुंबई स्थित निवास स्थान 'सिल्वर ओक' पर एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई। एनसीपी (शरद पवार) ने पहले ही कहा है कि वह अजित दादा की पत्नी सुनेत्रा पवार के सामने अपना प्रत्याशी नहीं उतारेगी।

महायुति चाहती है निर्विरोध चुनाव

केंद्रीय चुनाव आयोग के अनुसार, बारामती सीट पर 23 अप्रैल को मतदान होगा, जबकि मतगणना 4 मई को की जाएगी। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने हाल ही में इस चुनाव को निर्विरोध कराने की इच्छा जताई थी, जिसे देखते हुए भाजपा और सत्तारूढ़ महायुति की ओर से प्रयास जारी थे। महायुति गठबंधन में शामिल एनसीपी ने अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार को अपना उम्मीदवार घोषित किया है, जो 6 अप्रैल को अपना नामांकन पत्र दाखिल करने वाली हैं।

कांग्रेस ने बदला सियासी गणित

कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने बुलढाना में पत्रकारों से बात करते हुए स्पष्ट किया कि बारामती में कांग्रेस अपना उम्मीदवार खड़ा करेगी।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, विधान परिषद चुनाव को लेकर कांग्रेस नेताओं में नाराजगी है। उनका मानना है कि महाविकास आघाड़ी (MVA) में बार-बार कांग्रेस को ही समझौता करना पड़ता है, जबकि एमवीए के अन्य दल शिवसेना (उद्धव ठाकरे) और एनसीपी (शरद पवार) इसका फायदा उठाते हैं। इसी के चलते पार्टी अब दिल्ली से 'ग्रीन सिग्नल' मिलने के बाद बारामती के संभावित उम्मीदवारों के नामों की छंटनी शुरू कर दी गई है।

बताया जा रहा है कि इस मुद्दे पर अंतिम फैसला लेने के लिए शरद पवार की अध्यक्षता में 'सिल्वर ओक' पर बैठकों का दौर जारी है। शरद गुट में इस बात पर मंथन हो रहा है कि क्या गठबंधन की एकता बनाए रखने के लिए कांग्रेस को मनाया जाए या फिर सुनेत्रा पवार की उम्मीदवारी का समर्थन किया जाए।

बारामती में 19 उम्मीदवारों ने भरा नामांकन

वर्तमान स्थिति को देखते हुए बारामती उपचुनाव काफी दिलचस्प हो गया है। अब तक करीब 19 उम्मीदवारों ने नामांकन पत्र भरे हैं, जिनमें ओबीसी आंदोलनकारी लक्ष्मण हाके भी शामिल हैं। यदि कांग्रेस अपना उम्मीदवार उतारती है, तो चुनावी मैदान में 20 से ज्यादा प्रत्याशी होने की संभावना है, जिससे मुकाबला बहुकोणीय और चुनौतीपूर्ण हो जाएगा।