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भोपाल। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस / RSS) अपने आनुषांगिक संगठन हिन्दू स्वयंसेवक संघ (विश्व विभाग) के दुनियाभर के देशों में रहने वाले करोड़ों प्रवासी स्वयंसेवकों के माध्यम से हिन्दुत्व की जड़ें मजबूत करने के अभियान में जुटा हुआ है। स्वयंसेवकों की सफलता की कहानियां और संघ के एजेंडे के हिसाब से सुधार या संशोधन के लिए हर पांच साल में विश्व विभाग जुटता है। इसी क्रम में जुलाई में मध्यभारत प्रांत के भोपाल में सात दिवसीय शिविर का आयोजन होगा। इसमें 30 से ज्यादा देशों के एक हजार स्वयंसेवक सपरिवार आएंगे।
ये रहेंगे मौजूद
शिविर में सरसंघचालक डॉ. मोहनराव भागवत, सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले समेत अन्य केंद्रीय पदाधिकारी उपस्थित होंगे। विश्व विभाग के राष्ट्रीय संयोजक अनिल वर्तक और टोली सदस्य प्रो. सदानंद सप्रे भी अभी से कार्ययोजना बनाने में जुट गए हैं। सेवा भारती, प्रज्ञा प्रवाह और प्रचार विभाग समेत अन्य संगठनों के पदाधिकारी और स्वयंसेवक व्यवस्थाएं संभालेंगे।
इस तरह से कार्य और विस्तार
किसी देश में गृह युद्ध छिड़ा हो या यूक्रेन-रूस के बीच जारी घमासान, कोरोना जैसी महामारी फैली हो या प्राकृतिक आपदाएं, इनमें भी विश्व विभाग के स्वयंसेवकों ने सेवा कार्यों से दुनिया के कोने-कोने में लोगों का दिल जीता है। वसुधैव कुटुम्बकम् के भाव के साथ विश्व में विस्तार पाने का कार्य जारी है।
संघ इसके लिए प्रत्येक पांच वर्ष में विभाग के स्वयंसेवकों को देश के किसी भी प्रांत में आयोजित शिविर में आमंत्रित करता है। सविस्तार चर्चा होती है। उन्हें अगर भारतीय संस्कृति के विस्तार में कोई कठिनाई हो रही है तो निदान किया जाता है। इस दरमियान वे अपने अनुभव साझा करते हैं। प्रजेंटेशन के दौरान स्वयंसेवकों की सफलता के प्रयास भी दिखाए और सुनाए जाते हैं।
इंदौर में आयोजित हो चुका है एक शिविर
इससे पहले संघ की व्यवस्था वाले मध्य क्षेत्र के चार प्रांतों में से मालवा के इंदौर में 29 दिसंबर 2015 से 03 जनवरी 2016 को विश्व विभाग का शिविर आयोजित हुआ था। तब 45 देशों से 750 से ज्यादा स्वयंसेवक आए थे। आयोजन के महत्व को इससे ही समझा जा सकता है कि इंदौर के शिविर में डॉ. मोहन भागवत ने घोषणा की थी कि राम मंदिर का निर्माण अवश्य होगा।
बतौर मुख्य अतिथि इसरो के पूर्व प्रमुख डॉ. के. राधाकृष्णन आए थे।भाजपा के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह, तत्कालीन विदेश मंत्री सुषमा स्वराज, पूर्व सांसद सुमित्रा महाजन समेत अन्य लोग शामिल हुए थे। इतिहास की बात करें तो विश्व विभाग का पहला शिविर 1990 में बेंगलूरू में हुआ था।
Published on:
26 Apr 2022 11:50 am
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