27 अक्टूबर 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन आज आएंगे भारत, 5 अरब डॉलर के रक्षा सौदे पर होगा हस्‍ताक्षर

भारत और रूस के बीच एस-400 वायु रक्षा प्रणाली की आपूर्ति के लिए समझौता काउंटरिंग अमरीका एडवर्सरीज थ्रू सैंक्शन एक्ट (सीएएटीएसए) का उल्लंघन होगा।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

नई दिल्ली

•

image

Dhirendra Kumar Mishra

•

Updated: 4 Oct 2018, 8:11 AM IST

modi-putin

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन आज आएंगे भारत, 5 अरब डॉलर के रक्षा सौदे पर होगा हस्‍ताक्षर

नई दिल्ली। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन आज नई दिल्‍ली पहुंचेंगे। इसी के साथ उनके दो दिवसीय भारत यात्रा की शुरुआत भी आज हो जाएगी। इस दौरान रूस के साथ एस-400 वायु प्रतिरक्षा प्रणाली सौदे पर समझौता हो सकता है। पुतिन अपनी भारत यात्रा के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी के साथ वार्षिक भारत-रूस शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। दोनों नेता ईरान पर अमरीकी प्रतिबंध के मद्देनजर कच्चे तेल की स्थिति समेत विभिन्न द्विपक्षीय, क्षेत्रीय एवं अंतराष्ट्रीय मुद्दों पर भी चर्चा कर सकते हैं। 19वें भारत-रूस शिखर सम्मेलन के दौरान दोनों नेता रूसी रक्षा कंपनियों पर अमरीकी प्रतिबंध की पृष्ठभूमि में द्विपक्षीय रक्षा संबंधों की भी समीक्षा कर सकते हैं।

अमरीकी प्रतिबंधों की अनदेखी करेगा भारत
रूस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने मंगलवार को कहा था कि पुतिन की भारत यात्रा के दौरान मुख्य जोर एस-400 वायु प्रतिरक्षा प्रणाली सौदे पर केंद्रित रहेगा। यह करार पांच अरब डॉलर की राशि से ज्यादा का होगा। पुतिन के शीर्ष विदेश नीति सलाहकार युरी उशाकोव ने कहा कि राष्ट्रपति चार अक्टूबर को भारत रवाना हो रहे हैं और इस दौरान एस-400 वायु रक्षा प्रणाली की आपूर्ति के लिए समझौते पर जोर होगा। इस खरीद से अमरीका के काउंटरिंग अमरीका एडवर्सरीज थ्रू सैंक्शन एक्ट (सीएएटीएसए) का उल्लंघन होगा। हालांकि इससे भारत को छूट मिलने की संभावना है। इसके बाद समझौतों का आदान-प्रदान होगा। इसके बाद दोनों नेता संयुक्‍त रूप से बयान जारी करेंगे। विदेश मंत्रालय के मुताबिक शुक्रवार को पुतिन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मुलाकात करेंगे। पुतिन प्रतिभाशाली बच्चों के समूह से परिसंवाद भी करेंगे और भारत-रूस व्यापार बैठक को संबोधित भी करेंगे।

पहली बार 1971 में हुआ था सैन्‍य समझौता
आपको बता दें कि भारत-रूप के बीच दशकों पुराना और प्रगाढ़ संबंध रहा है। रूस ने भारत का हर मोड़ पर साथ दिया। पाकिस्‍तान के साथ सभी युद्धों के दौरान रूस भारत के पक्ष में रहा है। वैश्विक मुद्दों पर भी दोनों देशों के बीच समझ बेहतर है। इंदिरा गांधी ने 1971 में पहली बार गुटनिरपेक्षता की नीति को दरकिनार रूस के साथ दीर्घावधि काल के लिए सैन्‍य समझौता कर पुरी दुनिया को चौंका दिया था। तभी से भारत और रूस के बीच दोस्‍ती का रिश्‍ता सबसे ज्‍यादा मजबूत रहा है। पुतिन के दो दिवसीय दौरे से दोनों देशों के बीच दोस्‍ती के इस रिश्‍ते को और ज्‍यादा मजबूती मिलेगी।

बड़ी खबरें

View All

राजनीति

ट्रेंडिंग