
2019 में महागठबंधन से सबसे ज्यादा सीट लाने वाली पार्टी का होगा प्रधानमंत्री: शरद पवार
नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव से पहले महागठबंधन ने मोदी सरकार को कड़ी टक्कर देने की तैयारी काफी समय पहले से ही शुरू कर दी है। इसी बीच राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) प्रमुख और पूर्व केंद्रीय मंत्री शरद पवार ने 2019 में विपक्ष की जीत होने पर प्रधानमंत्री प्रत्याशी के विवाद को सुलझाने का फॉर्मूला पेश किया है। पवार ने कहा है कि अगले वर्ष होने वाले आम चुनाव में जो पार्टी सबसे ज्यादा सीटों पर विजयी होगी वही प्रधानमंत्री पद के लिए दावा करेगी।
जिसकी सबसे ज्यादा सीट, उसी का होगा पीएम: पवार
पवार ने सोमवार को पार्टी की एक बैठक को संबोधित करते हुए कहा वह कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के उस बयान से खुश है जिसमें राहुल गांधी ने कहा कि वह प्रधानमंत्री बनने का सपना नहीं देखते हैं। पूर्व मंत्री ने कहा कि पहले चुनाव होने दीजिए और भारतीय जनता पार्टी को सत्ता से हट जाने दो। उसके बाद सभी दल एक साथ बैठेंगे और जो पार्टी अधिक सीट जीतने वाली होगी होगी प्रधानमंत्री पद पर दावा कर सकती है।
क्षेत्रीय दलों को एकजुट करेंगे पवार
शरद पवार ने कहा कि वह एक-एक राज्य की यात्रा करेंगे और वहां ऐसे क्षेत्रीय दल जो वर्तमान में बीजेपी के साथ नहीं हैं, उनको साथ लाने की कोशिश करेंगे। हर राज्य में क्षेत्रीय दलों की अलग-अलग स्थिति का जिक्र करते हुए श्री पवार ने कहा कि मध्यप्रदेश, राजस्थान और गुजरात में कांग्रेस मजबूत स्थिति में है तो उत्तर प्रदेश में अखिलेश और मायावती की पकड़ है । हर राज्य की स्थिति अलग है और इसलिए हमें प्रत्येक राज्य में मजबूत लोगों को अपने साथ लाना होगा।
2004 जैसे ही होगा 2019 का चुनाव परिणाम?
एनसीपी प्रमुख ने कहा कि 2004 के आम चुनाव के बाद यूपीए सरकार ने तत्कालीन एनडीए की सरकार को सत्ता से बेदखल किया था। उस वक्त अटल बिहारी वाजपेयी को इंडिया शाइनिंग का नारा देकर प्रोजेक्ट किया गया था और हमारी तरफ से किसी को प्रधानमंत्री के लिए आगे नहीं लाया गया। चुनाव जीतने के बाद सभी दल एकसाथ हुए और मनमोहन सिंह को प्रधानमंत्री का पद दिया गया। उन्होंने कहा कि इसलिए ऐसा जरूरी नहीं है कि पहले से ही किसी का नाम प्रधानमंत्री के लिए सामने रखा जाए।
मैं पीएम बनने का सपना नहीं देखता: राहुल गांधी
बता दें कि लंदन में इंडियन जर्नलिस्ट एसोशिएशन से बात करते हुए राहुल गांधी ने फिलहाल खुद को पीएम पद की रेस से बाहर होने के संकेत दिए हैं। बातचीत के दौरान जब एक पत्रकार ने कांग्रेस अध्यक्ष से सवाल किया कि क्या वे खुद को भारत के अगले प्रधानमंत्री के रूप में देखते हैं? इसके जवाब में राहुल गांधी ने कहा कि मैं यह सपना नहीं देखता। फिलहाल इस बारे में सोच ही नहीं रहा हूं। मैं खुद को एक वैचारिक लड़ाई लड़ने वाले के रूप में देखता हूं। यह बदलाव में भीतर साल 2014 के बाद आया है। मुझे इस बात का एहसास हुआ कि जिस तरह से देश के अंदर वारदात हो रहे हैं, उससे भारत और भारतीयता पर खतरा मंडरा रहा है। फिलहाल मुझे इस देश की रक्षा करनी है।
Published on:
27 Aug 2018 09:50 pm
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