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दूध उत्पादकों के प्रदर्शन पर सियासत! शिवसेना बोली- बुलेट ट्रेन की जगह इन्हें सब्सिडी दे दो

संजय राउत ने कहा है कि किसानों की बात नहीं सुनी जा रही है। बुलेट ट्रेन और मेट्रो रेल जैसे प्रोजेक्ट्स पर 300 से 400 करोड़ रुपए तक खर्च करने तैयार हैं। क्या बुलेट ट्रेन किसानों की मांग है

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Kapil Tiwari

Jul 17, 2018

Sanjay Raut

Sanjay Raut

मुंबई। महाराष्ट्र में किसानों के बाद रविवार से दूध उत्पादकों का प्रदर्शन शुरू हो गया है। अपनी मांगों को लेकर रविवार को पूरे महाराष्ट्र में कई जगह पर दूध उत्पादकों ने प्रदर्शन किया। इस वजह से सिर्फ महाराष्ट्र ही नहीं बल्कि देश के कई हिस्सों में दूध की आपूर्ति प्रभावित हुई। दूध उत्पादकों के प्रदर्शन को देखते हुए अब सियासत भी शुरू हो गई है। शिवसेना ने बीजेपी को इस मुद्दे पर घेर लिया है। शिवसेना सांसद संजय राऊत ने महाराष्ट्र सरकार पर सवाल खड़े कर दिए हैं। संजय राऊत ने फड़नवीस सरकार से पूछा है कि क्या सरकार दूध किसानों को सब्सिडी नहीं दे सकती? क्या सरकार किसानों से बातचीत तक नहीं कर सकती ? आप (सरकार) किसानों की बात तक नहीं सुन रहे लेकिन बुलेट ट्रेन और मेट्रो रेल जैसे प्रोजेक्ट्स पर 300 से 400 करोड़ रुपए तक खर्च करने तैयार हैं। क्या बुलेट ट्रेन किसानों की मांग है ?

इन मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं दूध उत्पादक

आपको बता दें कि महाराष्ट्र में दूध उत्पादकों के विरोध प्रदर्शन की वजह से मुंबई, पुणे, नागपुर, नासिक और अन्य प्रमुख शहरों के लिए दूध की समस्या खड़ी हो गई है। इन शहरों में जा रहे दूध के टैंकरों को प्रदर्शनकारी रोक रहे हैं। आपको बता दें कि स्वाभिमानी शेतकारी संघटन (एसएसएस) और महाराष्ट्र किसान सभा (एमकेएस) की अगुवाई में किसानों के समूहों ने दूध पर 5 रुपए प्रति लीटर सब्सिडी, मक्खन और दूध पाउडर पर जीएसटी में छूट की मांग की है। एसएसएस अध्यक्ष और सांसद राजू शेट्टी ने बताया कि राज्य सरकार ने 27 रुपए प्रति लीटर की खरीद कीमत तय की है, लेकिन किसानों को केवल 17 रुपए प्रति लीटर मिलते हैं। जबकि यही दूध बाजार में 40 से 45 रुपए की कीमत पर बेचा जा रहा है।

भारत को हिंदू राष्ट्र घोषित करें पीएम मोदी- शिवसेना

आपको बता दें कि शिवसेना और बीजेपी के बीच काफी समय से संबंध खराब चल रहे हैं। केंद्र सरकार और राज्य सरकार की नीतियों का शिवसेना आए दिन विरोध करती रहती है। हाल ही में शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने पीएम मोदी से भारत को हिंदू राष्ट्र घोषित करने की मांग की थी। इसके अलावा राम मंदिर को लेकर भी शिवसेना की तरफ से बड़ा बयान आया था। शिवसेना ने कहा था कि जब नोटबंदी पर मोदी सरकार ने तत्काल निर्णय लिया था तो फिर राम मंदिर पर क्यों नहीं लिया जा रहा।