
मोदी सरकार के खिलाफ शिवसेना ने खोला मोर्चा, एनआरसी को लेकर किया बड़ा एलान
नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव के नजदीक आते ही सत्ताधारी दल भाजपा पर दबाव बनना शुरू हो गया है। खास तौर पर सहयोगी दलों ने आंखें दिखाने लगे हैं। इस बार मुद्दा है एनआरसी का। जी हां नागरिकता संशोधन बिल को लेकर अब शिवसेना ने भाजपा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। शिवसेना ने ऐलान किया है कि नागरिकता संशोधन बिल अगर राज्य सभा में लाया गया कि तो पार्टी इसका विरोध करेगी।
शिवेसना संसदीय दल के नेता सजंय राउत ने ये जानकारी दी है। उन्होंने कहा है कि पार्टी इसका विरोध करती है और इसके खिलाफ प्रदर्शन भी करेगी। शिवसेना एनडीए में ऐसी दूसरी पार्टी बन गई है जिसने बिल का विरोध करने की घोषणा की। बीते महीने बिहार के मुख्यमंत्री और जनता दल यूनाइटेड मुखिया नीतीश कुमार ने घोषणा की थी कि उनकी पार्टी उच्च सदन में संशोधन बिल का विरोध करेगी।
बिल का विरोध करते हुए संजय राउत ने कहा, यह बिल राजनीतिक है, जिसका उद्देश्य भाजपा के चुनावी हितों की सेवा करना है।ज् पूर्वोत्तर के युवा नेताओं का एक प्रतिनिधि मंडल जल्द ही मुंबई में शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे से मिलने वाला है। जानना चाहिए कि नागरिकता बिल आठ जनवरी को लोकसभा में पास हो चुका है और इस दौरान कांग्रेस वॉकआउट कर गई। संशोधन बिल में बांग्लादेश, पाकिस्तान और अफगानिस्तान के छह अल्पसंख्यक समूहों से जुड़े प्रवासियों के लिए भारतीय नागरिकता प्राप्त करने के लिए बाधाओं को दूर करने का प्रावधान है।
समझें सीटों का गणित
आपको बता दें कि मौजूदा समय में 15 विपक्षी पार्टियों सहित राज्य सभा में कम से कम 114 सदस्य ऐसे हैं जिनके विधेयक के विरोध में वोट डालने की संभावना है। विपक्षी दलों में कांग्रेस, टीएमसी, समाजवादी पार्टी, टीडीपी और आरजेडी शामिल हैं। इसके अलावा एनडीए के दस सदस्य, जेडीयू के छह, शिवसेना के तीन और नागा पीपुल्स फ्रंड के एक सदस्य विपक्ष के साथ जाने को तैयार हैं। ऐसे में 245 सीटों वाली राज्य सभा में बिल के विपक्ष में मतदान करने वाले सदस्य के संख्या 124 हो जाएगी। राउत ने कहा कि मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड संगमा और क्षेत्र के कई दलों के नेताओं ने उनसे इस मुद्दे पर समर्थन करने के लिए मुलाकात की। पूर्वोत्तर के दस दलों ने विधेयक का विरोध करने के लिए समझौता किया है।
Updated on:
07 Feb 2019 02:21 pm
Published on:
07 Feb 2019 01:33 pm
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